राजधानी दिल्ली में वाहन फिटनेस जांच की प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा नंद नगरी और तेहखंड में बनाए गए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) अगले महीने यानी जुलाई से आम लोगों के लिए शुरू क़रने जा रहा है. इसमें वाहनों की जांच पूरी तरह तकनीक आधारित मशीन और स्वचालित प्रणाली से की जाएगी.
अंतिम चरण में दोनों ATS
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दोनों ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन अंतिम चरण में हैं और अगले महीने यानी जुलाई से इनके संचालन की उम्मीद है. इन केंद्रों के शुरू होने के बाद वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह तकनीक आधारित और स्वचालित प्रणाली से की जाएगी.
यह भी पढ़ें: यूपी में 20 लाख परिवारों को मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट, लॉन्च हुआ 'प्रोजेक्ट गंगा', जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें
कंप्यूटराइज्ड होगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, ATS में वाहनों की ब्रेकिंग क्षमता, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट, उत्सर्जन स्तर समेत कई तकनीकी मानकों की कंप्यूटराइज्ड जांच होगी. इससे फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होगा.
विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगा प्रोसेस
परिवहन विभाग का मानना है कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन सड़क सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. साथ ही पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित हो सकेगी. समीक्षा बैठक के दौरान परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन और सड़क सुरक्षा से जुड़े ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि नंद नगरी और तेहखंड में शुरू होने वाले ATS वाहन फिटनेस परीक्षण व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे. दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि इन दोनों केंद्रों के संचालन से वाहन फिटनेस जांच की क्षमता बढ़ेगी और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मानकों को पूरा करने में मदद मिलेगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं