उत्तर प्रदेश के गांवों में तेज इंटरनेट पहुंचाने, लोगों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने और युवाओं को रोजगार के नए मौके देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'प्रोजेक्ट गंगा' लॉन्च कर दिया है. यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस, कौशल विकास और तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करेगी.
20 लाख परिवारों को मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
प्रोजेक्ट गंगा के तहत उत्तर प्रदेश में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) का बड़ा नेटवर्क बनाया जाएगा. इसके जरिए करीब 20 लाख परिवारों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य है. साथ ही 8 से 10 हजार डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर तैयार किए जाएंगे और सीधे‑अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख से ज्यादा रोजगार के मौके पैदा होंगे. इस योजना के पहले चरण में 21 जिलों में इसकी शुरुआत की जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज के दौर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी एक बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है. इंटरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है
सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रकार गंगोत्री से गंगासागर तक मां गंगा का प्रवाह अपने मार्ग में आने वाले क्षेत्रों के विकास, समृद्धि और जीवन का आधार रहा है, उसी प्रकार प्रोजेक्ट गंगा भी उत्तर प्रदेश की डिजिटल समृद्धि का एक मजबूत आधार बनेगा. यह पहल गांवों तक डिजिटल अवसर पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की नई संभावनाएं सृजित करेगी.
21 जनपदों से होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 21 जनपदों में प्रारंभ हो रही इस परियोजना को आगे चलकर प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 8 हजार न्याय पंचायतों तक पहुंचाना होगा. इससे लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी की परिकल्पना साकार होगी और गांव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित होंगे.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 8 हजार डिजिटल उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था. प्रोजेक्ट गंगा इस लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. सरकार का प्रयास केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है.यह परियोजना युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए स्वरोजगार और एंटरप्रेन्योरशिप के नए अवसर प्रदान करेगी.
युवाओं को DSP के रूप में किया जाएगा विकसित
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने प्रोजेक्ट गंगा की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी विस्तार की परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप का एक नया मॉडल है. इसके अंतर्गत स्थानीय युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अपने क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क स्थापित कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे.
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा. परियोजना के तहत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, नेटवर्क निर्माण और व्यवसाय संचालन में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में टिकाऊ डिजिटल उद्यम स्थापित कर सकें.
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