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15 जून से जेवर एयरपोर्ट सफर के ल‍िए तैयार, शुरूआत में प्राइवेट कैब ही सहारा, जानिए कितना लगेगा किराया

15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू होंगी, लेकिन शुरुआती दिनों में यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए मुख्य रूप से कैब, टैक्सी और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा. मेट्रो कनेक्टिविटी अभी तैयार नहीं है, जबकि इलेक्ट्रिक एसी बस सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद है.

15 जून से जेवर एयरपोर्ट सफर के ल‍िए तैयार, शुरूआत में प्राइवेट कैब ही सहारा, जानिए कितना लगेगा किराया
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरुआती दिनों में कैब ही सहारा
(P.C- NDTV)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है. हालांकि, शुरुआती दिनों में यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने और वहां से वापस आने के लिए मुख्य रूप से कैब और निजी वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा. वजह यह है कि फिलहाल मेट्रो कनेक्टिविटी तैयार नहीं है और प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस सेवा भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है.

शुरुआती दिनों में कैब ही बनेगी सबसे बड़ा सहारा

नोएडा के प्रमुख रिहायशी इलाकों और पूर्वी दिल्ली से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी करीब 65 किलोमीटर है. ऐप आधारित कैब सेवाओं पर फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक का किराया 800 रुपये से 1400 रुपये के बीच दिखाई दे रहा है. वहीं, बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से जेवर तक स्थानीय टैक्सी का किराया 500 से 700 रुपये के बीच बताया जा रहा है.

एयरपोर्ट पर होंगे अलग पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ जोन

हालांकि, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए कैब कंपनियों के साथ लगातार तालमेल बिठाया जा रहा है. एयरपोर्ट पर कैब और बाइक टैक्सी के लिए अलग से पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ स्टैंड तैयार किए गए हैं, ताकि पहले दिन से ही यात्रियों को परेशानी न हो.

उबर, ओला, रैपिडो समेत कई कंपनियां देंगी सेवा
NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि कमर्शियल उड़ानें शुरू होने के साथ ही एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप आधारित कैब और इलेक्ट्रिक एसी बसों के विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी है. इसके लिए महिंद्रा मोबिलिटी, उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों के साथ करार किया गया है.

उबर ने पहले दिन से अपनी सेवाएं शुरू करने की पुष्टि की है. कंपनी यात्रियों को अलग-अलग बजट की गाड़ियां और आउटस्टेशन बुकिंग की सुविधा भी देगी. वहीं, रैपिडो शुरुआत में नोएडा के मौजूदा ड्राइवर नेटवर्क के जरिए सेवा देगी और मांग बढ़ने पर वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी. महिंद्रा लॉजिस्टिक्स की ओर से इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा शुरू किए जाने की भी उम्मीद है.

ड्राइवर बोले- आईजीआई से आसान रहेगा जेवर का सफर

स्थानीय टैक्सी ड्राइवरों का कहना है कि फिलहाल वापसी की सवारी मिलने की अनिश्चितता के कारण कई चालक जेवर जाने से बचते हैं. लेकिन उड़ानें नियमित होने के बाद स्थिति बेहतर हो जाएगी.

ड्राइवरों के मुताबिक, दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट की तुलना में जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा. यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए लगभग 65 किलोमीटर की दूरी डेढ़ घंटे में तय की जा सकती है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास भारी ट्रैफिक के कारण 30 किलोमीटर का सफर तय करने में भी इतना ही समय लग जाता है.

जल्द शुरू हो सकती हैं इलेक्ट्रिक एसी बसें

दूसरी ओर, नोएडा अथॉरिटी और यूपीएसआरटीसी 100 एसी इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा सड़कों पर उतारने की तैयारी में हैं. सेक्टर-90 डिपो में करीब 30 नई बसें पहुंच चुकी हैं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का काम तेजी से चल रहा है. अधिकारियों के अनुसार, बसों के रूट और किराए भी तय किए जा चुके हैं. उम्मीद है कि कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने के कुछ दिन के अंदर यह सेवा भी शुरू कर दी जाएगी.

हालांकि, तब तक यात्रियों को नोएडा के करीब 20 हजार रजिस्टर्ड ड्राइवरों और ऐप आधारित कैब नेटवर्क पर ही भरोसा करना होगा.

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