Lionel Messi vs Lamine Yamal, FIFA World Cup 2026 Final: 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में जब स्पेन और अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में आमने-सामने होंगे, तब सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं होगी. यह मुकाबला फुटबॉल की दो पीढ़ियों के बीच भी होगा. एक ओर महान लियोनेल मेसी होंगे, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के सबसे बड़े सितारे लैमिन यमाल. फाइनल से पहले यमाल ने DAZN को दिए इंटरव्यू में मेसी को लेकर अपनी दिल की बात कही. उन्होंने कहा, "मैं थोड़ा बड़ा हो गया हूं और लियो भी. उम्मीद है कि मैं वर्ल्ड कप फाइनल में उनका सामना कर पाऊंगा, खासकर इसलिए क्योंकि फाइनलिसिमा नहीं हो पाया था."
🗣️ Reporter: Could this photo become a World Cup final?
— MC (@CrewsMat10) July 14, 2026
Lamine Yamal: “Yes, I've grown a little, and I think Leo has too. I hope it happens. I'd love to face Messi in a World Cup final.” 🐐🇪🇸🇦🇷 pic.twitter.com/Ae3MgYkiBq
यमाल का यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ एक खिलाड़ी की इच्छा नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी का अगला अध्याय है जिसकी शुरुआत करीब दो दशक पहले हो चुकी थी. यमाल के बयान का मतलब सोशल मीडिया पर फैंस का ये मानना है की वो ये बताना चाहते हैं की अब वो बड़े हो गए हैं तो फुटबॉल के मैदान पर मेसी को टक्कर देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उन्हें 19 साल पहले वाला छोटा बच्चा समझने की गलती नहीं की जानी चाहिए .
जब मेसी ने नहलाया था छह महीने के यमाल को...
साल 2007, बार्सिलोना के युवा स्टार लियोनेल मेसी उस समय सिर्फ 20 साल के थे और दुनिया उन्हें भविष्य का सुपरस्टार मानने लगी थी. उसी दौरान स्थानीय अखबार डियारियो स्पोर्ट और यूनिसेफ ने एक चैरिटी फोटोशूट आयोजित किया. रैफल में लैमिन यमाल का परिवार विजेता बना और उन्हें कैंप नोउ में फोटोशूट का मौका मिला.
🚨🇪🇸🇦🇷 Lionel Messi with Lamine Yamal as a baby back in December 2007, from Spanish newspaper @sport.
— EuroFoot (@eurofootcom) July 5, 2024
It was a photoshoot organised for a charity calendar. pic.twitter.com/C7jCKbYnp7
फोटोशूट के दौरान मेसी ने महज छह महीने के यमाल को प्लास्टिक के छोटे से बेबी बाथटब में नहलाया और गोद में उठाकर तस्वीरें खिंचवाईं. उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही बच्चा एक दिन फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बनेगा. सालों बाद जब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों ने इसे 'फुटबॉल की सबसे खूबसूरत तस्वीर' बताया. ऐसा लगा मानो किस्मत ने उसी दिन दोनों की कहानी लिख दी थी.

तस्वीर से लेकर वर्ल्ड कप फाइनल तक
मटारो के साधारण से इलाके रोकाफोंडा में पले-बढ़े यमाल ने कम उम्र में ही रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. वह बार्सिलोना के सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हुए, स्पेन के लिए सबसे कम उम्र में गोल दागने का रिकॉर्ड बनाया और यूरो 2024 में 'यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुने गए. अब 2026 वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. ग्रुप स्टेज में सऊदी अरब के खिलाफ पहला वर्ल्ड कप गोल, ऑस्ट्रिया के खिलाफ 'मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड और फिर सेमीफाइनल में फ्रांस पर जीत के साथ उन्होंने स्पेन को फाइनल तक पहुंचाया.
दूसरी तरफ मेसी की अगुआई में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई है.
अब इतिहास रचने की बारी
19 जुलाई को जब रेफरी पहली सीटी बजाएंगे तो मेसी और यमाल सिर्फ विरोधी खिलाड़ी नहीं होंगे. यह उस तस्वीर की कहानी का सबसे बड़ा अध्याय होगा, जिसमें एक महान खिलाड़ी अपनी गोद में भविष्य के सुपरस्टार को संभाले हुए था.
अब वही बच्चा दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपने बचपन के हीरो के सामने खड़ा होगा. यही वजह है कि स्पेन बनाम अर्जेंटीना का यह फाइनल सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार कहानियों में से एक बनने की पूरी तैयारी कर चुका है.
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