- सीबीआई ने नोएडा में केंद्रीय पीएसयू अफसर को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.
- सीबीआई ने अफसर के दिल्ली-एनसीआर के कई ठिकानों पर भी छापा मारा है. जहां से नगदी मिली है.
- बताया जा रहा है कि अफसर ने 15 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. जिसकी जानकारी सीबीआई को मिली थी.
यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक को रिश्वतखोरी के मामले में 15 जुलाई को नोएडा से गिरफ्तार किया है. CBI ने उन्हें 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. कार्रवाई के बाद से ही प्रशासनिक और कॉर्पोरेट गलियारों में हड़कंप मचा है. CBI के मुताबिक आरोपी एमडी ने भोपाल स्थित एक कंपनी से करीब 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. यह कंपनी KAPL की अधिकृत सर्विस एजेंट है और मध्य प्रदेश के सरकारी संस्थानों को दवाइयों की आपूर्ति करती है. वह 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धरे गए हैं.
नोएडा में हुई गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कंपनी के सर्विस एजेंट एग्रीमेंट के नवीनीकरण, मौजूदा वित्तीय साल के लिए अतिरिक्त संस्थानों का आवंटन मंजूर करने और इस साल दवाइयों की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन में हिस्सेदारी के बदले रिश्वत की मांग की थी. सीबीआई ने आरोपी को 15 लाख रुपये की मांग में से 5 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा है. गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित आरोपी के घर और कार्यालय में तलाशी ली. इस दौरान नोएडा स्थित आवास और बेंगलुरु कार्यालय से 75 लाख रुपये नकद, करीब 4 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा लगभग 697 ग्राम सोने के आभूषण और सिक्के जिनकी अनुमानित कीमत 86 लाख रुपये है. इसके अलावा एक आवासीय फ्लैट से जुड़े संपत्ति दस्तावेज बरामद हुए हैं.
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कैसे CBI को मिला क्लू
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई को इस बात की पुख्ता शिकायत मिली थी. केंद्रीय पीएसयू के प्रबंध निदेशक एक ठेकेदार से किसी आधिकारिक काम को निपटाने के एवज में मोटी रकम की मांग कर रहे थे. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया. योजना के हिसाब से टीम एक्टिव हुई और निदेशक को रिश्वत लेते धरदबोचा.
आरोपी मैनेजिंग डायरेक्टर का नाम अनुराग दनायक है. फिलहाल सीबीआई यह पता करने में जुटी है यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं. क्योंकि रिश्वतखोरी की रकम ज्यादा थी. ऐसे में इसमें और लोगों के शामिल होने की संभावना है.
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