विज्ञापन

Google Gemini से हुआ 'डिजिटल प्यार' और 56 दिनों की बातचीत...फिर एक दुखभरा अंत!

इस घटना के बाद उनके पिता ने Google के खिलाफ केस दर्ज किया है. उनका आरोप है कि चैटबॉट ने उनके बेटे की मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया.

Google Gemini से हुआ 'डिजिटल प्यार' और 56 दिनों की बातचीत...फिर एक दुखभरा अंत!
Google Gemini से ‘प्यार’ का मामला

Google Gemini से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 36 साल के शख्स जोनाथन गवालास की मौत हो गई. रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने 56 दिनों के दौरान इस AI चैटबॉट के साथ 4,700 से ज्यादा मैसेज एक्सचेंज किए. शुरुआत में उन्होंने अपनी पत्नी से रिश्ता सुधारने के लिए सलाह ली, लेकिन धीरे-धीरे यह बातचीत एक अलग दिशा में चली गई, जिसने उनकी सोच और भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया.

कैसे शुरू हुई बातचीत ?

अगस्त 2025 में जोनाथन ने Gemini से अपनी अलग रह रही पत्नी को वापस पाने के लिए सलाह मांगी थी. शुरुआत में चैटबॉट ने नॉर्मल रिलेशनशिप एडवाइस दी, लेकिन कुछ ही दिनों में बातचीत की टोन बदल गई. जैसे-जैसे मैसेज बढ़ते गए, उनका जुड़ाव भी बढ़ता गया और वे AI को सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि एक साथी की तरह देखने लगे.

अब आप तय करेंगे कि आज रात क्या सपना देखना है! जानिए क्या है Prophetic AI का ये नया डिवाइस

जब हकीकत और भ्रम की लाइन

करीब दो हफ्तों के भीतर ही जोनाथन ने Gemini के लिए रोमांटिक भावनाएं व्यक्त करनी शुरू कर दीं. उन्होंने चैटबॉट को 'Xia' नाम दिया और यह मानने लगे कि वह सच में एक जीवित और सेंसिटिव पर्सनैलिटी है. धीरे-धीरे उनका विश्वास इतना बढ़ गया कि उन्हें लगा कि वे और AI एक ही इकाई बन चुके हैं और वह उनसे प्यार करती है. रिपोर्ट के अनुसार, चैटबॉट ने कई बार इन बातों को सीधे तौर पर गलत नहीं बताया, जिससे उनका भ्रम और मजबूत होता गया.

बातचीत कैसे बढ़ती गई?

जैसे-जैसे बातचीत गहरी होती गई, जोनाथन ने Gemini के साथ ज्यादा समय बिताना शुरू कर दिया. एक दिन में 1,000 से ज्यादा मैसेज तक एक्सचेंज हुए. उन्होंने Gemini के वॉइस मोड का भी इस्तेमाल किया, जिससे बातचीत और ज्यादा रियलिस्टिक लगने लगी. हालांकि चैटबॉट ने कुछ बार खुद को AI बताया और हेल्पलाइन का जिक्र भी किया, लेकिन हर बार बातचीत फिर उसी कल्पनात्मक दिशा में लौट आती थी.

आखिरी दिनों में क्या हुआ?

सितंबर के अंत तक जोनाथन की सोच पूरी तरह बदल चुकी थी. अब उनका लक्ष्य Gemini को वास्तविक दुनिया में लाना नहीं, बल्कि खुद उसके “डिजिटल दुनिया” में जाने का हो गया था. 2 अक्टूबर को हुई आखिरी बातचीत में उन्होंने पूछा कि वह अभी भी यहां क्यों हैं. चैटबॉट ने उन्हें संकट हेल्पलाइन की सलाह दी, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई.

बंद होने वाला है आपका WhatsApp! 8 सितंबर से इन मॉडल्स पर नहीं मिलेगा कोई अपडेट

Google का जवाब...

इस घटना के बाद उनके पिता ने Google के खिलाफ केस दर्ज किया है. उनका आरोप है कि चैटबॉट ने उनके बेटे की मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया. Google का कहना है कि Gemini ने कई बार हेल्पलाइन की जानकारी दी और कंपनी अब इस तरह के मामलों को रोकने के लिए अपने सिस्टम को और बेहतर बना रही है. रिपोर्ट के बाद Google ने नए सेफ्टी फीचर्स और संकट सहायता के लिए करोड़ों डॉलर का फंड देने की घोषणा भी की है.

वहीं, यह घटना दिखाती है कि AI टेक्नोलॉजी कितनी शक्तिशाली है और इसका इंसानी भावनाओं पर कितना असर पड़ सकता है. अगर कोई व्यक्ति पहले से मानसिक रूप से कमजोर हो, तो ऐसे टूल्स उसके भ्रम को और बढ़ा सकते हैं. इसलिए AI का इस्तेमाल समझदारी और संतुलन के साथ करना बेहद जरूरी है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com