सफाई कर्मचारी जिस गाड़ी से घर-घर का कचरा उठा रहा था, उसी गाड़ी में उसकी लाश घर पहुंची. राजस्थान का यह मामला बीते कुछ दिनों से चर्चा में बना है. मामला कोटा के सांगोद का है. जहां कचरा ढोने वाली गाड़ी में एक सफाई कर्मचारी का शव लाया गया था. इसकी तस्वीर सामने आने डेडबॉडी की बेकद्री का यह मामला खूब वायरल हुआ. लेकिन अब इस कहानी में एक नया ट्विस्ट आया है. मृतक सांगोद नगर पालिका के सफाई कर्मचारी राकेश के भाई ने पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर अपनी उस दिन की मजबूरी के बारे में बताया है.
एक्सीडेंट में मौत, शव से आ रही थी बदबू
मिली जानकारी के अनुसार सांगोद नगर पालिका के सफाई कर्मचारी राकेश (40) की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. शनिवार 10 अक्टूबर को उनका शव सांगोद से करीब 20 किलोमीटर दूर खानपुर में मिला. शव से बदबू आ रही थी. ऐसे में किसी एंबुलेंस और प्राइवेट गाड़ी ने बॉडी को घर तक पहुंचाने से इनकार कर दिया.

नगर पालिका से भी नहीं मिली थी मदद
जब नगर पालिका से कॉन्टैक्ट किया गया तो भी वहां से भी मदद नहीं मिली. राकेश के भाई आकाश ने बताया कि कोई इंतजाम नहीं होने पर वो खुद कचरा उठाने वाली गाड़ी लेकर खानपुर गया था. उसी में बॉडी को लेकर घर पहुंचा था. जब यह तस्वीर वायरल हुई तो राकेश के भाई आकाश ने पालिका अधिकारी को चिट्ठी लिखकर अपनी मजबूरी बताई.
शव वाहन भी नहीं मिल सका था
मृतक राकेश के भाई आकाश ने पालिका अधिकारी को लिखे पत्र में बताया कि वो स्वयं कचरे वाली गाड़ी साफ-सुथरा कर शव लेने गया था. उसने खानपुर अस्पताल अधीक्षक के बारे में भी पत्र में जिक्र किया है. लिखा है कि उन्होंने कहा था शव वाहन उपलब्ध नहीं है. किराए के अन्य वाहन की भी व्यवस्था नहीं हो सकी थी. ऐसे में शव को कचरा ढोने वाली गाड़ी से लाया गया.
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इनपुट- कोटा से शाकिर अली
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