कोचिंग फैक्ट्री कोटा से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक ही दिन दो छात्रों की खुदकुशी का मामला सामने आया है. JEE और नीट की तैयारी कर रहे इन छात्रों की मौत की खबर ने एक बार फिर कोटा के नाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के शिवपुरी के रहने वाले 16 वर्षीय अजीत धाकड़ और बिहार के दरभंगा के रहने वाले गौतम मृतकों में शामिल हैं. दोनों के परिवार में मातम का माहौल है और पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर सुसाइड की असली वजह क्या थी.
हॉस्टल के रूम में मिला शव
मध्य प्रदेश के शिवपुरी के रहने वाले 16 साल के अजीत धाकड़ छह महीने पहले ही कोटा आए थे. उनके रिश्तेदार सीताराम धाकड़ ने बताया कि वो इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी कर रहे थे. उनके परिवार ने बेहतर पढ़ाई के लिए पीजी (पेइंग गेस्ट) में उनके लिए एक अलग कमरा लिया था. रविवार को अजीत अपने कोचिंग सेंटर में नियमित टेस्ट देने नहीं पहुंचे. ये टेस्ट जेईई की तैयारी का हिस्सा था. बाद में शाम करीब 9 बजे, जब उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो पुलिस को सूचना दी गई कि कुछ गड़बड़ है. पुलिस के मुताबिक, जब वे छात्र के आवास पर पहुंचे, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था.
पुलिस ने क्या कहा?
कोटा के जवाहर नगर थाने में तैनात एएसआई किशोर लाल ने बताया, “हमें रात 9:30 बजे सूचना मिली थी. हमने दरवाजा तोड़कर खोला और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके रिश्तेदारों ने हमें बताया कि उनके कोचिंग संस्थान में टेस्ट था, लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए थे.” उन्होंने आगे कहा, “ऐसा लग रहा है कि लड़का तनाव में था. वो 11वीं कक्षा का छात्र था और जेईई की तैयारी कर रहा था. उसकी मौत के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा.”
एक रात पहले मां से हुई थी बात
अजीत के चाचा सीताराम धाकड़ ने बताया, “उसने हॉस्टल में एक अलग कमरा लिया था. पहले वह सामान्य कमरे में रहता था, लेकिन बाद में उसने अलग कमरा मांगा. वह जेईई की तैयारी कर रहा था. रविवार सुबह 9 बजे उसका टेस्ट था, लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुआ. रात करीब 9 बजे हमें हॉस्टल के मालिक का फोन आया. उसने कहा कि आप कोटा आ जाइए, आपके बच्चे की आत्महत्या से मौत हो गई है. हम रात करीब 2 बजे यहां पहुंचे. परिवार में दो भाई हैं. बड़ा भाई दिव्यांश शिवपुरी में पढ़ाई कर रहा है, जबकि अजीत यहां पढ़ रहा था. उनके पिता का निधन हो चुका है. घटना से एक रात पहले अजीत ने अपनी मां से बात की थी और उन्हें बताया था कि सब कुछ ठीक है.”
दूसरे छात्र की खुदकुशी की खबर
कोटा में 16 साल के जेईई अभ्यर्थी की आत्महत्या की घटना से शहर अभी उबर भी नहीं पाया था कि इसी बीच एक दूसरे छात्र को उसके हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश पाया गया. कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में 19 वर्षीय गौतम कुमार अपने हॉस्टल के कमरे के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले. बिहार के दरभंगा के रहने वाले गौतम मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रहे थे. वो लैंडमार्क सिटी स्थित श्रीजी रेजिडेंसी हॉस्टल में रहते थे. उन्हें एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
परिवार ने बताई पूरी कहानी
परिवार के सदस्यों ने लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अगर गौतम को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया होता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी. गौतम के रिश्तेदार अखिलेश ने बताया, “घटना से एक रात पहले हमारी उससे बात हुई थी. लेकिन जब वह हॉस्टल में नाश्ते और दोपहर के भोजन के लिए नहीं आया, तो किसी ने उसकी गैरमौजूदगी पर ध्यान नहीं दिया. इसके बाद हमारे एक रिश्तेदार उसे देखने गए. वो भी कोटा में पढ़ाई करता है. रात करीब 10 बजे उसने गौतम को हॉस्टल के कमरे के बाथरूम में बेहोश पड़ा पाया.”
मौत के कारणों की जांच शुरू
कोटा के पुलिस उपाधीक्षक देवेश भारद्वाज ने बताया, “दरभंगा के रहने वाले छात्र गौतम कुमार लैंडमार्क में रह रहे थे और एलन कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहे थे. हॉस्टल मालिक और उनके दोस्त उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. हम मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं. परिजनों ने लापरवाही की शिकायत की है. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करेंगे.”
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि, “हम ये नहीं कह सकते कि वो 12 घंटे तक अनुपस्थित रहे थे. हमें जानकारी मिली है कि उन्होंने दोपहर का खाना खाया था. शाम को जब लोग उन्हें देखने गए, तो वो अपने कमरे में बेहोश मिले. पहली नजर में ये नहीं कहा जा सकता कि वो कितनी देर से उस हालत में पड़े थे. मामले की जांच जारी है.”
इस साल 14 छात्रों ने दी जान
कोटा का कोचिंग हब छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं से पहले ही प्रभावित रहा है. यहां छात्र देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में शामिल आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी करते हैं. इस साल दर्ज की गई ये 14वीं घटना है. एक ही दिन में दो छात्रों की मौत के मामले ने कोटा को झकझोर दिया है. कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है, जहां एक समय में लगभग ढाई लाख छात्र पढ़ाई करते हैं.
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