- मुंबई के मलाड ईस्ट में एक बंद डे-केयर सेंटर में एक चार साल पुराना शव मिला.
- पड़ोसियों ने बताया कि बंद जगह से तेज बदबू आ रही थी.
- पुलिस की जांच से पता चला कि उस शख्स की मौत जून 2022 में हार्ट अटैक से हुई थी.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की एक बिल्डिंग के बाहर 'Daycare centre. Opening shortly' लिखा एक साइनबोर्ड लगा था. उसके नीचे लगा मेटल का गेट बंद था, जिससे किसी का भी आना-जाना मुमकिन नहीं, लेकिन अंदर से तेज बदबू आ रही थी. यह बदबू हर दिन बढ़ती जा रही थी, जिससे पड़ोसियों में उत्सुकता बढ़ गई. जब बदबू बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया और गेट खुलते ही एक चौंकाने वाला नजारा सामने आया. वहां एक लाश मिली. यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है. इसके बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस भी हैरान रह गई. क्लिनिक के फ्रीजर में पिछले चार साल से 80 साल के बुजुर्ग का शव रखा गया पाया गया. पुलिस अब इस तरह शव को सुरक्षित रखने की कानूनी वैधता के बारे में विशेषज्ञों से सलाह ले रही है. पुलिस इस बात की भी जांच करने में लगी है कि क्या ऐसा करना कानूनी रूप से सही है.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में रहने वाले परिवार ने पुलिस को बताया कि वे शव को अमेरिका के एक क्रायोनिक्स सेंटर में ले जाना चाहते हैं, जिससे इसे ज्यादा से ज्यादा वक्त समय तक सुरक्षित रखा जा सके. पुलिस ने अभी तक कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया है.
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस को सोमवार की रात इस घटना के बारे में पता चला. इसके बाद कुरार पुलिस पॉलीक्लिनिक पहुंची और वहां एक फ्रीजर में उस बुजुर्ग का शव मिला. क्लिनिक पिछले एक महीने से मरम्मत के काम की वजह से बंद पड़ा था. पुलिस ने बुजुर्ग के परिवार से संपर्क किया, जिसमें उनकी बुजुर्ग पत्नी और बालिग बच्चे शामिल हैं.
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बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे उनकी मौत से बहुत परेशान थे और बॉडी को ज्यादा से ज्यादा वक्त तक सुरक्षित रखना चाहते थे. उन्होंने ऑनलाइन जानकारी जुटाई और उन्हें अमेरिका में ऐसी संस्थाओं के बारे में पता चला जो 'क्रायोनिक्स' की सुविधा देती हैं. इसमें कानूनी तौर पर मृत लोगों के शरीर को बहुत कम तापमान पर, आमतौर पर लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल करके, सुरक्षित रखा जाता है.
इस बीच, शव क्लिनिक में ही रखा रहा, लेकिन न तो क्लिनिक मैनेजमेंट और न ही परिवार ने स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी. पुलिस को सोमवार रात स्थानीय लोगों से ही इस बारे में पता चला.
पुलिस ने मंगलवार को परिवार के सदस्यों, क्लिनिक मैनेजमेंट और प्रॉपर्टी के मालिक के बयान दर्ज किए. शव के अंतिम संस्कार के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. क्लिनिक पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.
(With inputs from Ruttik Ganakwar
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