नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद शुरू हुआ अंतर्कलह भाजपा में बड़े निष्कासन में तब्दील हो गया है. पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने निर्दलीय ताल ठोकने और बगावत कर रहे नेताओं के पक्ष में प्रचार करने वाले 42 कार्यकर्ताओं को 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है. पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी ने सोमवार प्रदेशाध्यक्ष के निर्देश पर यह निष्कासन आदेश जारी किए. इन सभी को अनुशासनहीनता का दोषी माना गया है.
अजमेर के पूर्व महापौर पर गाज
पार्टी की कार्रवाई में सबसे प्रमुख नाम अजमेर के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत का है. वार्ड-4 से उनकी पत्नी हेमलता गहलोत पार्टी के खिलाफ निर्दलीय मैदान में हैं. आरोप है कि गहलोत पार्टी लाइन से इतर पत्नी के पक्ष में प्रचार करने के साथ सोशल मीडिया पर अमर्यादित बयानबाजी कर रहे थे. दोनों को निष्कासित कर दिया गया है.
जयपुर से 26 नेताओं पर एक्शन
जयपुर में सबसे ज्यादा 26 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. इनमें अकेले विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र से 13 नेता शामिल हैं. जयपुर के प्रमुख निष्कासित नेताओं में पूर्व पार्षद हरिशंकर बोहरा, दिनेश कांवट, राजू अग्रवाल, जय वशिष्ठ, शंकर शर्मा, रमेश चन्द्र सैनी, स्वाति परनामी, विक्रम सिंह तंवर, शिव सोनी, बरखा सैनी तथा एससी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश किराड़ शामिल हैं.
प्रतापगढ़ से 7 नेताओं को निकाला
प्रतापगढ़ नगर परिषद के पूर्व सभापति रामकन्या, पूर्णिमा खराड़ी, पूर्व पार्षद मुकेश कुमार शर्मा, प्रहलाद गुर्जर, जितेश सोनी सहित 7 नेताओं पर कार्रवाई. सिरोही, अजमेर व बारां में सिरोही में पूर्व उपसभापति टीकमचंद सोनी की पत्नी लीला देवी, छबड़ा (बारां) में पूर्व पार्षद राकेश कुलश्रेष्ठ सहित अजमेर के प्रकाश बंसल, हेमलता बंसल और रेणु गर्ग को पार्टी से निकाला गया है.
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