
प्रतीकात्मक फोटो.
भोपाल:
मध्यप्रदेश में किसानों के हिंसक आंदोलन के बाद अब उनकी खुदकुशी का सिलसिला रोके नहीं रुक रहा है. राज्य में बुधवार को एक किसान ने बड़वानी में तो दूसरे ने बालाघाट में खुदकुशी कर ली.
बालाघाट जिले में 42 साल के किसान रमेश बसेने ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली. उनके रिश्तेदारों ने बताया कि रमेश पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज था. छोटी ज़मीन पर पैदावार के बूते यह कर्ज चुकाना मुश्किल हो रहा था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि रमेश के नाम पर सिर्फ मुख्यमंत्री आवास योजना का कर्ज था जिसकी 400 रुपये की मासिक किश्त वह हर महीने भर रहे थे. उनकी मां शांता के नाम पर 25000 रुपये क्रेडिट सोसायटी का कर्ज था.
दूसरा मामला बड़वानी जिले के सेंधवा का है जहां पिसनावल में एक किसान ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली, उनके परिजनों का भी कहना है कि वह बढ़ते कर्ज से परेशान थे. हालांकि, पुलिस का दावा है कि मृतक और उसके बेटे के बीच गिरवी जमीन छुड़ाने को लेकर विवाद हुआ था. राज्य में पिछले छह दिनों में छह किसानों ने मौत को गले लगाया है.
बालाघाट जिले में 42 साल के किसान रमेश बसेने ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली. उनके रिश्तेदारों ने बताया कि रमेश पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज था. छोटी ज़मीन पर पैदावार के बूते यह कर्ज चुकाना मुश्किल हो रहा था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि रमेश के नाम पर सिर्फ मुख्यमंत्री आवास योजना का कर्ज था जिसकी 400 रुपये की मासिक किश्त वह हर महीने भर रहे थे. उनकी मां शांता के नाम पर 25000 रुपये क्रेडिट सोसायटी का कर्ज था.
दूसरा मामला बड़वानी जिले के सेंधवा का है जहां पिसनावल में एक किसान ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली, उनके परिजनों का भी कहना है कि वह बढ़ते कर्ज से परेशान थे. हालांकि, पुलिस का दावा है कि मृतक और उसके बेटे के बीच गिरवी जमीन छुड़ाने को लेकर विवाद हुआ था. राज्य में पिछले छह दिनों में छह किसानों ने मौत को गले लगाया है.
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