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नागपुर में भाजपा के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार, जानें कामिल अंसारी के बारे में सबकुछ

नागपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने मोमिनपुरा से कामिल अंसारी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो पार्टी के एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी हैं. कामिल अंसारी विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं और उनका फोकस शिक्षा, बेरोजगारी और बस्ती के विकास पर है.

नागपुर में भाजपा के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार, जानें कामिल अंसारी के बारे में सबकुछ

Nagpur BJP Candidate: नागपुर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा दांव खेला है. पार्टी ने मोमिनपुरा से कामिल अंसारी को उम्मीदवार बनाया है, जो इस चुनाव में भाजपा के एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी हैं. हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम करने वाले इस बुजुर्ग नेता की पहचान शहर में खास है. वे विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं और उनकी कहानी नागपुर की बदलती राजनीति को बयां करती है.

कौन हैं कामिल अंसारी?

कामिल अंसारी बुनकर ओबीसी समाज से आते हैं और ‘पसमांदा मुस्लिम' समुदाय से जुड़े हैं. वे पूर्व मंत्री दत्ता मेघे को अपना गुरु मानते हैं और विधायक समीर मेघे के नेतृत्व में तिरुपति अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक भी हैं. खेलों से उनका गहरा लगाव है, खासकर कुश्ती, जिसके कारण लोग उन्हें ‘कामिल पहलवान' के नाम से जानते हैं. वे यंग मुस्लिम फुटबॉल क्लब से भी जुड़े हुए हैं.

भाजपा टिकट पर चुनाव क्यों?

जब उनसे पूछा गया कि मुस्लिम मतदाता भाजपा उम्मीदवार को वोट देंगे या नहीं, तो उन्होंने कहा कि “हम पहले भारतवासी हैं. हवा दिखती नहीं लेकिन महसूस की जा सकती है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की वजह से हमारी बस्ती में विकास की हवा बह रही है. मैं जातिवादी नहीं हूं, मैं केवल भारतवासी हूं. मेरे प्रभाग में सभी जातियों और समुदायों के लोग रहते हैं.”

विकास है मुख्य एजेंडा

कामिल अंसारी का कहना है कि नागपुर शहर तेजी से बदल रहा है और वे चाहते हैं कि मोमिनपुरा की मुस्लिम बस्ती भी उसी गति से विकसित हो. उनका फोकस शिक्षा और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों पर है. वे बताते हैं कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने सड़कों, फुटबॉल मैदान और मुस्लिम कब्रिस्तान जैसे कई काम किए हैं. उन्होंने खुद भी पिछले तीन वर्षों में पांच-छह करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए हैं.

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कामिल अंसारी का राजनीतिक सफर

कामिल अंसारी पहले कांग्रेस और फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ थे. दस साल पहले वे दत्ता मेघे के साथ भाजपा में आए. उनका कहना है कि कांग्रेस का आधार कमजोर हो चुका है और भाजपा जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम कर रही है. वे दावा करते हैं कि भाजपा ने उनके कहने पर मोमिनपुरा क्षेत्र के विकास के लिए पैसा दिया, जो यह साबित करता है कि पार्टी सबका साथ और सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है.

आत्मविश्वास से भरे कामिल

कामिल अंसारी कहते हैं कि “देश की सबसे बड़ी पार्टी ने मुझ पर भरोसा किया है. मैं जीतने वाला हूं और यहां एक नया इतिहास बनेगा.” उनका विश्वास इस बात पर है कि विकास की हवा अब मोमिनपुरा में भी बह रही है और लोग बदलाव चाहते हैं. 

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