मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज़ होते जा रहे हैं. इस बार विवाद का केंद्र बना है. विवाद ये है कि 700 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स माफी का वादा. भाजपा और ठाकरे ब्रदर्स (शिवसेना-UBT + MNS) आमने-सामने हैं और सवाल सिर्फ वादे का नहीं, बल्कि उसका श्रेय किसे मिले.गौरतलब है कि फिलहाल मुंबई में 500 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगता. अब ठाकरे ब्रदर्स के गठबंधन ने अपने चुनावी एजेंडे में इसे बढ़ाकर 700 वर्ग फुट तक करने का वादा किया है.
हाल ही में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने अपने गठबंधन (ठाकरे ब्रदर्स + NCP-SP) के उम्मीदवारों के सामने एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें यह वादा प्रमुख रूप से शामिल था. लेकिन इसी के साथ भाजपा ने इस वादे को लेकर जोरदार हमला बोला है.राज्य सरकार में मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा पोस्ट करते हुए ठाकरे ब्रदर्स पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा की पुरानी मांग को “चुराकर” अपने घोषणापत्र में शामिल किया है. आशीष शेलार ने लिखा कि चोरी की गई मांग का यह तो पूरा ‘अपचननामा' है!
क्या है विवाद की वजह
उनके अनुसार, जब बीएमसी की स्थायी समिति में 500 वर्ग फुट के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव आया था, तब भाजपा नगरसेवकों ने इसे 700 वर्ग फुट तक बढ़ाने की मांग की थी. उस समय के नगर आयुक्त ने इस मांग पर सहमति भी जताई थी.भाजपा का दावा है कि उस वक्त पालिका में सत्ताधारी उबाठा सेना ने जानबूझकर सिर्फ 500 वर्ग फुट वाला प्रस्ताव ही राज्य सरकार को भेजा, जबकि 700 वर्ग फुट की मांग को नजरअंदाज किया गया.आशीष शेलार का कहना है कि जब उन्हें इस “चालाकी” का पता चला, तो उन्होंने 7 मार्च 2018 को स्वयं विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और 700 से 750 वर्ग फुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त करने का प्रस्ताव लाने की मांग तत्कालीन सरकार से की थी.भाजपा का आरोप है कि उबाठा सेना ने उस समय भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने के बजाय उसका विरोध किया.
चुनाव से पहले ‘क्रेडिट पॉलिटिक्स'
अब, जब बीएमसी चुनाव सामने हैं, भाजपा इसे “क्रेडिट हाइजैकिंग” बता रही है. पार्टी का कहना है कि जिस मांग का विरोध पहले किया गया, वही मांग अब ठाकरे ब्रदर्स द्वारा चुनावी वादे के रूप में पेश की जा रही है.भाजपा नेताओं का तर्क है कि 700 वर्ग फुट प्रॉपर्टी टैक्स माफी की मूल मांग भाजपा की थी.इसे लागू कराने के लिए विधानसभा में भी भाजपा ने आवाज़ उठाई.अब विपक्ष उसी मांग को नया बताकर वोट बटोरने की कोशिश कर रहा है.
इस राजनीतिक खींचतान के बीच सवाल यही है कि मुंबईकरों को असल राहत कौन देगा और किसके भरोसे पर. एक तरफ ठाकरे ब्रदर्स इसे अपना जनहितकारी वादा बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे “चोरी की गई मांग” करार देकर आक्रामक चुनावी रुख अपना चुकी है. स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में 700 वर्ग फुट प्रॉपर्टी टैक्स माफी सिर्फ एक नीति प्रस्ताव नहीं, बल्कि बीएमसी चुनाव का बड़ा राजनीतिक हथियार बनने जा रही है—जहां लड़ाई वादे से ज़्यादा, उसके श्रेय को लेकर होगी.
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