What Is Nautapa: हर साल की तरह इस साल भी गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है, राजधानी दिल्ली समेत तमाम शहरों में पारा 45 डिग्री के पार जा रहा है. लोग राहत महसूस कर पाते, इससे पहले नौतपा की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसमें लगातार नौ दिन तक भयंकर गर्मी पड़ती है. नौतपा हर साल चर्चा में रहता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका मतलब क्या होता है? आज हम आपको बताएंगे कि नौतपा शब्द कैसे बना और इसका असली मतलब क्या होता है, जिससे अगर कोई अगली बार आपसे नौतपा के बारे में पूछे तो आप तुरंत इसका जवाब दे पाएं.
क्या होता है नौतपा का मतलब?
नौतपा शब्द दो संस्कृत के शब्दों से मिलकर बना है. पहला 'नव' यानी नौ दिन और दूसरा 'तपा' यानी तपशि... इसका मतलब नौ दिन की तपिश से होता है. इसे कुछ लोग नवतपा और रोहिणी के नाम से भी जानते हैं. भले ही ये शब्द काफी डरावना लगता हो, लेकिन माना जाता है कि ये नौतपा अच्छी बारिश के लिए जरूरी होता है. इसके लिए किसानों में एक पौराणिक लाइन भी खूब चलती है- 'तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय'... मानसून का इंतजार कर रहे किसान अच्छी बारिश के लिए इसे जरूरी मानते हैं.
क्या कहता है विज्ञान?
दरअसल जून में सूर्य की स्थिति बदलने से अचानक गर्मी बढ़ जाती है, इस दौरान सूरज कर्क रेखा के पास होता है और 90 डिग्री का एंगल बनाता है. ऐसे में सूरज की तीखी किरणें सीधे धरती पर पड़ने लगती हैं और भीषण गर्मी महसूस होती है. कुल मिलाकर इस दौरान पृथ्वी और सूरज की दूरी कम हो जाती है. साइंस में नौतपा जैसा कोई शब्द नहीं है, ये पुरानी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषशास्त्र से लिया गया एक शब्द है. साइंस के लिए ये आम प्रक्रिया है, जो हर साल होती है.
राजस्थान से लेकर यूपी और बिहार तक असर
नौतपा का असर देश के तमाम हिस्सों पर दिखता है. खासतौर पर राजस्थान के कई शहर इस दौरान हांफने लगते हैं, क्योंकि पारा 48 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है. वहीं दिल्ली-एनसीआर और बाकी राज्यों में भी पॉल्यूशन इस गर्मी को और खतरनाक बना देता है और लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. कोशिश करें कि इस दौरान घर से बाहर न निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं.
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