ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल लोकल कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है. CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है. चीफ जस्टिस ने कहा कि ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार हो चुका है. वो पार्ट कम हो चुका है. गिरिबाला सिंह के इंटरव्यू पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़ लगाते हुए कहा कि इस मामले को जैसे हैंडल किया गया हमें उसका दुख है. हम अपने मीडिया दोस्तों से अनुरोध करेंगे कि वो घरवालों के बयानों के आधार पर मामले को तय ना करें. किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच करनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से प्रीमेच्योर बयानबाजी न करने की बात कहते हुए कहा कि मामले की जांच पहले से ही जांच चल रही है. सीबीआई की जांच होगी तो अपना पक्ष वहां रखें. अदालत ने मीडिया से अनुरोध करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के पास जाकर उनका दुख और ना बढाए. एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है.
CJI ने क्या कहा?
- हमें दुख है जैसे मामले को हेंडल किया
- हम अपने मीडिया दोस्तों से अनुरोध करेंगे कि वो घरवालों के बयानों के आधार पर मामले को तय ना करें
- किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच करनी चाहिए
- ऐसा प्रोजेक्ट किया जा रहा है जैसे न्यायपालिका मामले में दखल दे रही है
- आरोपियों का इंटरव्यू क्यों किया जा रहा है
- हम पुलिस का मोरल डाउन नहीं करना चाहते
- राज्य ने सीबीआई जांच की मांग की है
- हम खुद सीबीआई जांच के आदेश नहीं देना चाहते
- जरूरी है कि खुद जल्द कदम उठाया जाए
बता दें कि ट्विशा शर्मा के परिवार ने मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और मामले को कवर-अप के आरोप लगाए हैं. CJI सूर्य कांत ने इस संबंध में रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी थी. रजिस्ट्री की ओर से मीडिया रिपोर्ट्स में उठ रहे इन सवालों को लेकर नोट CJI के सामने रखा गया था. इसके मद्देनजर CJI ने स्वत: संज्ञान लेकर बेंच गठित करने का फैसला लिया है. सीबीआई की ओर से SG तुषार मेहता अदालत में पेश हुए हैं.
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