Jharkhand News: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की दमदार आवाज बनने वाले भगवान बिरसा मुंडा की 9 जून को पुण्यतिथि (Birsa Munda Punyatithi) थी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'धरती आबा' को कोटि-कोटि नमन किया. पीएम ने लिखा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए विदेशी हुकूमत के खिलाफ जो गजब का साहस दिखाया, वह बेमिसाल है. उनका पूरा जीवन सिर्फ अपने जनजातीय समाज के सम्मान, संस्कृति और उनके अधिकारों को बचाने में ही समर्पित रहा. पीएम ने कहा कि अपनी मातृभूमि के लिए अपना सब कुछ त्याग देने की उनकी यह कहानी, देश की आने वाली हर एक पीढ़ी के दिलों में देशभक्ति का जज्बा भरती रहेगी.
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनका पूरा जीवन जनजातीय समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा को समर्पित रहा। मातृभूमि के लिए सर्वस्व… pic.twitter.com/C4y15CKfjM
— Narendra Modi (@narendramodi) June 9, 2026
उपराष्ट्रपति को याद आया 'उलगुलान'
इससे पहले, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी धरती आबा को नमन करते हुए उन्हें आत्म-सम्मान, न्याय और हिम्मत का प्रतीक बताया. उन्होंने ऐतिहासिक उलगुलान का जिक्र करते हुए कहा कि इसी के जरिए बिरसा मुंडा ने दमन के खिलाफ आदिवासियों के अंदर अपने हक और पहचान के लिए लड़ने की आग जलाई थी.
उपराष्ट्रपति ने एक बेहद खास व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि यह उनके लिए गहरे सम्मान की बात है कि उन्हें झारखंड के राज्यपाल का पद संभालने के पहले दिन और हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति बनने के बाद, बिरसा मुंडा की पवित्र जन्मस्थली उलिहातू जाकर नमन करने का मौका मिला. उन्होंने भरोसा जताया कि भगवान बिरसा के विचार और उनका बलिदान देश को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और समावेशी विकास की राह दिखाते रहेंगे.
कोकर स्मारक से लेकर बिरसा चौक तक अर्पित किए गए फूल
झारखंड की राजधानी रांची में भी धरती आबा को बड़े ही सम्मान के साथ याद किया गया. झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोकर स्थित उनके स्मारक और बिरसा चौक पर जाकर इस आदिवासी योद्धा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए. राज्यपाल गंगवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी याद किया जाता है. उनके इतिहास और संघर्ष को पढ़ने से साफ पता चलता है कि हमारे देश की आजादी की लड़ाई में उनकी भूमिका कितनी बड़ी थी.
उनका संघर्ष, त्याग और विचार आज भी हमें सामाजिक न्याय, अधिकारों की रक्षा तथा जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 9, 2026
धरती आबा का सपना और उनके आदर्श हमारे लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे।
झारखंड के वीर शहीद अमर रहें!
धरती आबा अमर रहें!
जय बिरसा! pic.twitter.com/igx8b2jfr9
'सवा सौ साल बाद भी दिलों में जिंदा हैं बिरसा'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए कहा कि करीब सवा सौ साल बीत जाने के बाद भी आदिवासी समुदाय और समाज का हर वर्ग उन्हें याद करता है. सीएम ने कहा कि यकीनन उनमें कुछ ऐसे खास गुण रहे होंगे और उन्होंने ऐसा इतिहास रच दिया कि लोग उन्हें सदियों तक याद करते रहेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह झारखंड की इस वीर भूमि के उन योद्धाओं में से एक हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता और हम सभी को उन पर गर्व है.
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