- तमिलनाडु चुनाव के पांच दिन बाद भी थलापति विजय की टीवीके पार्टी को सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं मिला है
- टीवीके के पास 116 विधायकों का समर्थन है जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का बहुमत आवश्यक है
- एएमएमके पार्टी ने टीवीके पर फर्जी समर्थन पत्र देने का आरोप लगाया है, लेकिन टीवीके ने इसकी सफाई दी है
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आए 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि थलापति विजय की टीवीके सरकार बना पाएगी या नहीं? टीवीके अब तक बहुमत के जादुई आंकड़े 118 को नहीं जुटा पाई है. वीसीके और IUML का समर्थन अभी तक विजय की पार्टी को नहीं मिल पाया है. इन दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं. एनडीटीवी को तमिलनाडु राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने बताया है कि टीवीके के पास अभी भी सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है. टीवीके ने एएमएमके विधायक कामराज का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें रवि की पार्टी के समर्थन में पत्र लिखते नजर आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने टी.टी.वी. दिनाकरन झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है.
बनते-बनते कैसे गड़बड़ाया विजय का गणित
तमिलनाडु में 5 दिनों से चले आ रहे सियासी ड्रामे का अंत गुरुवार को होता नजर आ रहा था. टीवीके समर्थन में कुछ 120 विधायक आते नजर आ रहे थे. ऐसे में लग रहा था कि शनिवार को विजय मुख्यमंत्री के रूप में शपथग्रहण कर लेंगे. लेकिन शाम होते-होते विजय की TVK का नंबर गेम गड़बड़ा गया. विजय जब राज्यपाल से मिले, तो पहला चला कि उन्होंने बताया कि वह अभी तक सिर्फ 116 विधायकों का समर्थन ही जुटा पाए हैं, जो बहुमत के आंकड़ा नहीं है. बताया जा रहा है कि वीसीके आज अपने पत्ते खोल सकती है. वहीं, एएमएमके ने आरोप लगाया कि उन्होंने टीवीके को समर्थन नहीं दिया है, फिर भी विजय ने राज्यपाल को जो पत्र थमाया उसमें उनका जिक्र है.

विजय के समर्थन में कितने विधायक?
- 5 विधायक वाली कांग्रेस TVK के साथ
- वीसीके के 2 विधायकों का समर्थन (लेकिन लिखित में अभी तक कोई समझौता नहीं)
- CPM के 2 विधायकों का समर्थन
- 2 विधायकों वाली CPI भी TVK के साथ
- 1 MLA वाली IUML ने भी समर्थन दिया (लेकिन लिखित में अभी तक कोई समझौता नहीं)
- TVK ने 120 सीटों का आंकड़ा छुआ
विजय के समर्थन में कितने विधायक?
विजय ने राज्यपाल आरवी आर्लेकर से मुलाकात में अपने साथ 116 विधायकों के समर्थन का दावा किया था, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों के बहुमत की जरूरत है. इस बीच थलापति विजय पर ये भी आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने एएमएमके पार्टी द्वारा अपने दल के समर्थन वाला फर्जी पत्र राज्यपाल को सौंपा है. एएमएमके पार्टी के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन इस मामले में FIR दर्ज कराने की बात कह रहे हैं. लेकिन अब टीवीके ने वीडियो जारी कर दिखाया है कि एएमएमके विधायक ने खुद उनके समर्थन में पत्र लिखा था.

थलापति विजय के पास क्या-क्या विकल्प
सिनेरियो 1- TVK + ADMK मिलकर सरकार बनाते हैं
107 + 47 = 154
सिनेरियो 2- TVK + कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियां (INC + PMK + IUML + CPI + CPM + VCK + DMDK + AMMKMNKZ)
107+ 5 + 4 + 2 + 2 + 2 + 2 + 1 + 1 = 126
सिनेरियो 3- अगर दूसरी पार्टियों के कुछ विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - तो बहुमत का आंकड़ा कम हो जाएगा
TVK + कांग्रेस = 112 (107+5)
TVK + अन्य छोटी पार्टियां
उदाहरण के लिए...
- अगर 10 विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - बहुमत का आंकड़ा = 112 (TVK + कांग्रेस)
- अगर 15 विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - बहुमत का आंकड़ा = 110 (TVK + कांग्रेस) / (TVK + अन्य छोटी पार्टियां)
- अगर 20 विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - बहुमत का आंकड़ा = 107 (अकेले TVK)
- अगर 25 विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - बहुमत का आंकड़ा = 105 (अकेले TVK)
- अगर 30 विधायक गैर-हाज़िर रहते हैं - बहुमत का आंकड़ा = 102 (अकेले TVK)
सिनेरियो 4- DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाते हैं
59 + 47 = 106
उन्हें फिर भी 11 और विधायकों के समर्थन की ज़रूरत होगी
टीटीवी दिनाकरन की FIR की धमकी के जवाब में TVK का वीडियो
टीवीके ने एएमएमके विधायक कामराज का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, "ये वीडियो एएमएमके विधायक कामराज के स्वेच्छा से और खुशी-खुशी तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (TVK) के समर्थन में पत्र लिख रहे हैं. इस वीडियो में कामराज को पत्र लिखने हुए देखा जा सकता है. वह कह रहे है कि वे एएमएमके महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन की सहमति से तमिलगा वेट्ट्री कज़गम को समर्थन दे रहे हैं. हालांकि, अब यह बात फैलाई जा रही है कि उन्होंने पत्र नहीं लिखा, जो पूरी तरह से झूठ है. यह बात सभी के लिए स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है. इन सभी तथ्यों को छुपाते हुए टी.टी.वी. दिनाकरन झूठी खबरें और गलत सूचना फैलाना जारी कर रहे हैं. जनता को यह समझना चाहिए कि तमिलगा वेट्ट्री कज़गम को किसी से सौदेबाजी या समझौता करने की कोई आवश्यकता नहीं है."
विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. हालांकि, शुरुआत में पार्टी 234 सदस्यों वाले सदन में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी. कांग्रेस पहली पार्टी थी, जिसने विजय को समर्थन दिया और उसके पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने टीवीके प्रमुख का समर्थन किया.
ये भी पढ़ें :- तमिलनाडु में राजनीतिक खींचतान के बीच सभी 5 कांग्रेसी विधायक हैदराबाद शिफ्ट
विजय को शर्तों पर समर्थन!
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच, विदुथलाई चिरुथाइगल काची ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक उच्च-स्तरीय समिति की बैठक की और अभिनेता-राजनेता सी जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के लिए व्यापक समर्थन का संकेत दिया. तमिलगा वेत्री कझगम, जो 23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष कर रही है. समर्थन हासिल करने के प्रयासों के तहत, पार्टी ने द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम के नेतृत्व वाले गठबंधन के घटकों से संपर्क साधा, जब कांग्रेस ने तमिलगा वेट्री कझगम को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया. कांग्रेस, जो चुनावों के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम गठबंधन से अलग हो गई थी, ने विजय की पार्टी को अपना समर्थन दिया. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट ने भी तमिलगा वेत्री कजगम को बाहर से सपोर्ट देने का ऐलान किया, लेकिन कहा कि वे कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे. इसी बैकग्राउंड में विदुथलाई चिरुथैगल काची ने शुक्रवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी हाई-लेवल कमिटी की मीटिंग बुलाई, जिसमें 20 से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा में हिस्सा लिया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर नेताओं ने तमिलगा वेत्री कजगम की सरकार बनाने की कोशिश को सपोर्ट करने की बात कही.
ये भी पढ़ें :- तमिलनाडु में मौजूदा राजनीतिक हालात के बीच प्रमोद महाजन का ये पुराना भाषण क्यों हो रहा वायरल?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं