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'जनता की समस्या सुलझाने की जगह अंदरूनी मतभेद दूर करने में जुटे हैं,' केरल में CM के चयन में देरी पर पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक रैली में कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने घेरते हुए कहा कि कांग्रेस अब मुस्लिम लीग से ज्यादा कट्टर हो गई है.

'जनता की समस्या सुलझाने की जगह अंदरूनी मतभेद दूर करने में जुटे हैं,' केरल में CM के चयन में देरी पर पीएम मोदी
हैदराबाद में रैली के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा.
  • PM मोदी ने कहा कि जनता की समस्याएं सुलझाने की बजाय अंदरूनी झगड़े सुलझा रही है कांग्रेस
  • उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद, नफरत और माओवादी राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए एमएमसी नाम दिया है
  • मोदी ने तेलंगाना की जनता को कांग्रेस और बीआरएस की वादाखिलाफी और परिवारवादी राजनीति से तंग बताया
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हैदराबाद:

तेलंगाना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर बड़ा निशाना साधा है. केरल में मुख्यमंत्री के चयन में देरी होने पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय ये लोग अपना ज्यादातर समय अंदरूनी झगड़े सुलझाने में बिता रहे हैं. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय, यहां की सरकार अपना ज्यादातर समय अंदरूनी झगड़े सुलझाने में बिता रही है. अभी तक यह भी तय नहीं हो पाया है कि मुख्यमंत्री कितने समय तक अपने पद पर बने रहेंगे. यहां तक कि केरल में भी अभी तक वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं. वे अपनी ही पार्टी के नेताओं से वादे करते हैं और फिर उन्हें धोखा देते हैं. छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी ऐसा ही हुआ था. कर्नाटक में भी अभी वही खेल चल रहा है. अब केरल की बारी है.'

पीएम मोदी ने आगे हमला करते हुए कहा कि 'कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की सेवा करना नहीं है. कांग्रेस अब देश बांटने वाली नफरती राजनीति का मुख्य आधार हो गई है. कांग्रेस लेफ्ट पार्टियों से भी ज्यादा लेफ्ट... यानी, पक्की और विकृत माओवादी हो गई है. और मुस्लिम लीग से ज्यादा कट्टर मुस्लिम लीगी बन गई है. इसलिए लोग कांग्रेस को एमएमसी... यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस कह रहे हैं.'

उन्होंने कहा कि 'तेलंगाना के लोग कांग्रेस और बीआरएस की वादाखिलाफी और इनकी परिवारवादी राजनीति से तंग आ चुके हैं. इसलिए भी तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है.'

बंगाल के नतीजों पर क्या बोले पीएम मोदी?

हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बंगाल और असम में बीजेपी की जीत का भी जिक्र किया. बंगाल की जीत पर उन्होंने कहा, 'कल मैं बंगाल में था. वहां पहली बार बीजेपी के सीएम ने शपथ ली है. पहली बार बंगाल में प्रचंड बहुमत से बीजेपी सरकार बनी  है. और मैं देख रहा हूं कि जो ये ऐतिहासिक विजय है, उसका उत्साह यहां तेलंगाना में भी दिख रहा है. यहां बीजेपी का हर कार्यकर्ता जोश से भरा हुआ है. आज देश के कोने-कोने में बीजेपी पर जनता का आशीर्वाद निरंतर बढ़ रहा है. देश के लोग बार बार बीजेपी के विकास मॉडल पर अपनी मुहर लगा रहे हैं.'

उन्होंने कहा कि 'बंगाल में सिर्फ राजनीतिक दलों की हार-जीत नहीं हुई है, बल्कि वहां एक ऐसी राजनीति को लोगों ने पराजित किया है, जिसने एक तरह से बंगाल की जनता को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखा था.'

उन्होंने कहा, 'इस देश में कांग्रेस ने करप्शन को बढ़ाया, परिवारवाद को बढ़ाया और संवैधानिक संस्थाओं का गला घोंटने का काम किया. जब टीएमसी बनी तो उसने कांग्रेस से ये सारी बुराइयां सीख ली. साथ ही लेफ्ट की भी जितनी बुरी आदतें थीं, वो भी टीएमसी ने अपना लीं. और फिर टीएमसी ने भारत की राजनीति का सबसे तिरस्कृत और खतरनाक मॉडल डेवलप किया.'

पीएम मोदी ने कहा, 'बंगाल ने राजनीति के ऐसे भयावह तानाशाही मॉडल को पराजित किया है. इसलिए, पूरे देश में उत्सव है. ऐसा लग रहा है कि जैसे बंगाल के लोग वर्षों के बाद अब खुले में सांस ले रहे हैं. आज हिंदुस्तान के हर कोने में, असम से ओडिशा… और बंगाल से पुडुचेरी तक… ये सिर्फ चुनावी विस्तार नहीं है. ये भारत के राजनीतिक मानस में आए उस परिवर्तन का संकेत है, जहां जनता अब वंशवाद नहीं, विश्वासवाद चुन रही है.'

PM मोदी की अपील- पेट्रोल-डीजल बचाएं

वैश्विक अनिश्चितता को लेकर पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि 'दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है. COVID के समय में ही, महामारी के बाद, यूक्रेन में युद्ध शुरू हो गया, जिससे दुनिया भर की समस्याएं और बढ़ गईं. खाना, ईंधन और खाद पर बहुत बुरा असर पड़ा. पिछले पांच-छह सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है.'

उन्होंने कहा, 'युद्ध के कारण, दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और सारी हदें पार कर गई हैं. भारत के पास तेल के बड़े भंडार नहीं हैं. हमें दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीज़ल और गैस आयात करना पड़ता है.'

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि 'इस वैश्विक संकट में, हमें कुछ संकल्प लेने होंगे और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना होगा. एक बड़ा संकल्प है- पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करना. हमें पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा. जिन शहरों में मेट्रो उपलब्ध है, वहां हमें ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर कार से सफर करना जरूरी है, तो हमें कार-पूलिंग आजमानी चाहिए.'

पीएम मोदी ने कहा कि 'अगर सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना हो, तो हमें ज्यादा से ज्यादा रेलवे फ्रेट सेवाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियों को पेट्रोल या डीजल की जरूरत नहीं होती. जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं, उन्हें भी उनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की... ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी. आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है. आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा. क्योंकि दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है, इसलिए हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है तो पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वो मुद्रा भी बचानी है.'

पीएम मोदी ने लोगों से कम से कम एक साल के फॉरेन टूर न करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 'आजकल, मध्यम वर्ग के बीच डेस्टिनेशन वेडिंग, विदेश यात्रा और विदेशों में छुट्टियां मनाने का चलन बढ़ रहा है. ऐसे समय में, जब देश एक संकट का सामना कर रहा है और हमारी देशभक्ति हमें पुकार रही है, हमें कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्रा टालने का फैसला करना चाहिए. भारत के भीतर ही कई खूबसूरत जगहें हैं जहां कोई भी घूमने जा सकता है.'

उन्होंने आगे कहा कि 'पहले, जब भी कोई संकट या युद्ध होता था, तो लोग राष्ट्रहित में सोना दान करते थे. आज, दान की कोई आवश्यकता नहीं है. लेकिन राष्ट्र के हित में, हमें यह फैसला करना चाहिए कि पूरे एक साल तक, चाहे घर में कोई भी समारोह या कार्यक्रम क्यों न हो, हम सोने के आभूषण नहीं खरीदेंगे.'

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