- थलापति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन उनके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं था
- कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके और आईयूएमएल ने विजय को समर्थन देकर 120 विधायकों का समर्थन सुनिश्चित किया
- डीएमके ने अपने सहयोगियों को विजय को समर्थन देने का निर्देश दिया और संवैधानिक संकट से बचने की इच्छा जताई
थलापति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. विजय के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं था. सियासी उठापटक के बीच विजय को समर्थन जुटाने में पांच दिन लगे. कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके और आईयूएमएल पार्टियों ने विजय की पार्टी को समर्थन दिया है. इन दलों के सहयोग से विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन हो गया. इस बीच डीएमके की ओर से चौंकानेवाला बयान सामने आया है. डीएमके का कहना है कि उन्होंने ही अपने सहयोगियों को विजय की टीवीके को समर्थन देने के लिए कहा था.
स्टालिन नहीं चाहते थे संवैधानिक संकट
डीएमके प्रवक्ता अन्नादुराई ने बताया, "तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई. डीएमके के सहयोगियों की मदद से ही वे मुख्यमंत्री बन पाए हैं, और हमारे नेता एमके स्टालिन ने भी पहले ही कहा था कि वे संवैधानिक संकट नहीं चाहते." तमिलनाडु की जनता ने जनादेश दिया है और इस नतीजे का श्रेय गठबंधन सहयोगियों के बीच समन्वय को दिया है. अन्नादुराई ने कहा, "तमिलनाडु की जनता ने जनादेश दिया है... हमारे मुख्यमंत्री का धन्यवाद, उन्होंने सहयोगियों को राजी किया. हमने डीएमके पार्टी के नेताओं के साथ काफी विचार-विमर्श किया. हमारे नेता एमके स्टालिन ने भी बताया है कि कांग्रेस ने डीएमके को किस तरह धोखा दिया है. डीएमके कार्यकर्ताओं, मतदान एजेंट, मतगणना एजेंट और बूथ स्तर के एजेंट की कड़ी मेहनत के कारण ही वे ये पांच सीटें जीत पाए हैं."
वीसीके और DMK अब भी साथ-साथ
इससे पहले, शनिवार को वीसीके के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वीसीके अभी भी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से जुड़ी हुई है और पार्टी ने टीवीके को केवल राज्य में सरकार गठन के लिए समर्थन दिया है, इसके अलावा कोई अन्य प्रतिबद्धता नहीं है. उन्होंने कहा, "हमने सीपीआई और सीपीआई (एम) की तरह ही फैसला किया है (केवल सरकार गठन के लिए, कोई अन्य प्रतिबद्धता नहीं). हमने बिना किसी मंत्रालय में भागीदारी के अपना समर्थन दिया है. हमें विजय को उनकी सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देना होगा. इसलिए, हमने टीवीके को जादुई संख्या प्राप्त करने के लिए समर्थन पत्र दिया है. हम अभी भी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ हैं. लेकिन इस राजनीतिक संकट के आधार पर निर्णय लेने की हमें स्वतंत्रता है. इसलिए, यही हमारा रुख है."
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उधर, कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने विजय को बधाई दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे विजय को हमारी हार्दिक शुभकामनाएं. तमिलनाडु इस समय बदलाव और नई उम्मीदों के दौर में खड़ा है. टैगोर ने कहा कि राज्य की जनता सामाजिक न्याय, समानता, विकास और मानवीय शासन पर आधारित समावेशी तमिलनाडु की अपेक्षा कर रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि विजय के नेतृत्व में जनता केंद्रित, पारदर्शी और सुशासन वाली सरकार स्थापित होगी.
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