- तमिलगा वेट्री कड़गम पार्टी ने दो सालों में तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनकर हर किसी को चौंका दिया है.
- पार्टी ने महिलाओं, किसानों और युवाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं, जिन्हें पूरा करना बड़ी चुनौती होगी.
- विजय ने घोषणापत्र को तिरुक्कुरल के सिद्धांतों पर आधारित बताते हुए इसे गंभीरता से पूरा करने का भरोसा दिया था.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय ने कमाल कर दिया है. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम स्थापना के करीब दो सालों में ही तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. तमिलनाडु विधानसभा की 234 विधानसभा सीटों में से पार्टी ने 107 पर कब्जा जमाया और सरकार बनाने के लिए पार्टी को अब कुछ ही विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस जीत के बाद टीवीके का तमिलनाडु को लेकर क्या प्लान होगा, खासतौर पर पार्टी के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र के वादों को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी.
तमिलनाडु चुनाव में हर पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंकी और आम मतदाता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए. टीवीके ने अपने चुनावी घोषणापत्र में प्रदेश की हर महिला को 2,500 रुपये देने, बेरोजगार स्नातकों को 10,000 रुपये और किसानों की फसल ऋण माफी जैसी कई घोषणाएं की है. साफ है कि यह चुनावी वादे महिलाओं, किसानों और युवा आबादी को लुभाने के लिए किए गए थे. ऐसे में पार्टी की पूरी कोशिश होगी कि इन वादों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए.
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चुनावी घोषणा पत्र में टीवीके ने किए थे ये वादे
- 60 साल तक की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये
- हर परिवार को साल भर में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर
- हर दुल्हन को एक सोने का सिक्का और एक रेशमी साड़ी देने का वादा
- माताओं को नवजात शिशु के लिए सोने की अंगूठी देने का वादा
- 29 वर्ष से अधिक उम्र के बेरोजगार स्नातकों को हर महीने 4 रुपये
- डिप्लोमा धारकों के लिए 2,000 प्रति माह की सहायता का वादा
- युवाओं को 5 लाख इंटर्नशिप अवसर, जिसमें स्नातकों को 10 हजार और IT स्नातकों को 8 हजार मासिक स्टाइपेंड का वादा
- कक्षा 12 से पीएचडी तक के छात्रों के लिए 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी शिक्षा लोन
- उद्यमियों के लिए 25 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन
- निजी कंपनियों में 75% नौकरियां तमिलनाडु के स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने का वादा
- 5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों को 50 फीसदी कर्ज राहत
प्राथमिकता में होंगे चुनावी वादे
विजय ने मेनिफेस्टो जारी करते हुए कहा था कि यह तिरुवल्लुवर द्वारा रचित तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल के सिद्धांतों पर आधारित है. इसमें अरम (सद्गुण), पोरुल (धन) और इन्बम (आनंद) पर जोर दिया गया, जिन्हें उन्होंने राजनीति और प्रशासन के आवश्यक जरूरी पहलू करार दिया. 16 अप्रैल को जारी इस मेनिफेस्टो को जारी करते हुए विजय ने साफ कहा था कि हम तमिलनाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री की तरह जनता को गुमराह नहीं करेंगे.
विजय का यह बयान बताता है कि घोषणापत्र को लागू करने के लिए सरकार की ओर गंभीर प्रयास होना तय है. विजय के चुनावी अभियान के दौरान डीएमके खासतौर पर उनके निशाने पर रही थी, ऐसे में अगर टीवीके की सरकार बनती है तो अब डीएमके के निशाने पर पार्टी और विजय दोनों होंगे. पार्टी की ओर से टीवीके से उसके चुनावी वादों को जल्द पूरा करने को लेकर घेरा जा सकता है. यही कारण है कि टीवीके की प्राथमिकता में अपने चुनावी वादे जरूर होंगे.
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