असम में एक बार फिर बीजेपी की जीत हुई है और कांग्रेस को फिर से करारी हार का सामना करना पड़ा है. असम में 126 सीट में से बीजेपी को 102 सीट हासिल हुई है, जबकि कांग्रेस को महज 21 सीट मिल सकी है यानी इस बार 10 सीटों का नुकसान हुआ है. ऐसे में असम में कांग्रेस की करारी हार की जिम्मेदारी राजस्थान के नेता और असम में कांग्रेस प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह ने ली है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से असम के प्रभारी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है.
2026 के नतीजे 2021 से ज्यादा खराब
जितेंद्र सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक हैं जो पार्टी में मजबूत रणनीतिकार के रूप में माना जाता है. जितेंद्र सिंह को इससे पहले भी कई राज्यों में चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन चुनावी नतीजों का रिकॉर्ड अब सवाल के घेरे में है. जितेंद्र सिंह 2021 में भी असम चुनाव प्रभारी के रूप में थे. लेकिन हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन 2026 में नतीजा पिछले नतीजों से ज्यादा खराब हुआ.
खड़गे को सौंपा अपना इस्तीफा
जितेंद्र सिंह ने चिट्ठी जारी करते हुए अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपा. जिसे उन्होंने अपने X अकाउंट पर भी पोस्ट किया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा
मैं असम के प्रभारी महासचिव के पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफ़ा देने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं. हाल के चुनावी नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं, और इन नतीजों में अपनी भूमिका की मैं पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं. हमारे भरसक प्रयासों के बावजूद, हम असम की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए, जिनकी सेवा करने का हमने संकल्प लिया था. मुझे सेवा करने का जो अवसर मिला और मेरे कार्यकाल के दौरान मुझ पर जो भरोसा जताया गया, उसके लिए मैं आभारी हूं.
Respected Shri @kharge ji,
— Jitendra Singh Alwar (@JitendraSAlwar) May 4, 2026
I write to tender my resignation as General Secretary In-Charge of Assam with immediate effect.
The recent election results have been deeply disappointing, and I take full responsibility for my role in the outcome. Despite our best efforts, we were… pic.twitter.com/1LYzx9zbMD
मैं असम की जनता के साथ-साथ असम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया. मैं कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और दृष्टिकोण के प्रति पूरी तरह समर्पित हूं, और पार्टी के प्रयासों में, जिस भी रूप में उचित समझा जाएगा, मैं अपना सहयोग जारी रखूंगा. इस पद पर अपने कार्यकाल के दौरान आपके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आपका धन्यवाद.
गौरतलब है कि जितेंद्र सिंह को 2023 में मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया गया था. लेकिन इसमें भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था.
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