बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस होने के एक पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है. लेकिन अदालत का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को सख्त हिदायत देते हुए साफ-साफ कहा कि वह फिल्मों में बहुत अच्छी एक्टिंग करते हैं, लेकिन उम्मीद है कि वे अदालत के सामने ऐसा कोई रवैया नहीं अपनाएंगे.
2 हफ्ते में जमा करना होगा 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट
शीर्ष अदालत ने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने दो निर्देश भी दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पैसे जमा कराने के लिए अभिनेता को दिया गया यह बिल्कुल आखिरी मौका है. इसके बाद कोई और छूट नहीं दी जाएगी.
वहीं राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट तुरंत जमा कराना होगा, ताकि वह बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर न जा सकें.
क्या है पूरा विवाद और दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला?
यह पूरा मामला 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़े 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों का है. राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने फिल्म निर्माण के सिलसिले में कंपनी से लेन-देन किया था, जिसके बाद चेक बाउंस हो गए थे.
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी करार दिया था और प्रत्येक मामले में उन्हें 3-3 महीने की जेल की सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट के इसी सजा वाले फैसले को चुनौती देते हुए राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
अब 5 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी नजरें
राजपाल यादव और राधा यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है. अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को करेगी. अगर राजपाल यादव दिए गए 2 हफ्ते के भीतर 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने में विफल रहते हैं, तो उनकी मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं.
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