विज्ञापन

मॉनसून सत्र का सस्पेंस कब खत्म होगा? 34 दिन बाद भी नहीं हो रहा सत्रावसान

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए संसद का विशेष सत्र बुला सकती है.

मॉनसून सत्र का सस्पेंस कब खत्म होगा? 34 दिन बाद भी नहीं हो रहा सत्रावसान
मानसून सत्र का सत्रावसान अब तक क्यों नहीं हुआ?
NDTV

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि सरकार इस महीने के अंत में या अगले महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए सोच रही ,है ताकि परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल को पारित कराया जा सके. इन चर्चाओं को इस लिए भी बल मिल रहा है कि क्योंकि मानसून सत्र को खत्म हुए एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है मगर अभी भी मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया गया है.

अभी तक मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ था. सरकार ने इस सत्र का सत्रावसान इसलिए नहीं किया है क्योंकि प्रावधान ये है कि कम समय की नोटिस पर भी सत्र बुलाया जा सके. यदि किसी सत्र का सत्रावसान कर दिया जाता है तो परंपरा है कि सरकार को नया सत्र बुलाने के लिए तीन हफ्ते का वक्त देना पड़ता है यही वजह है कि सरकार ने अभी तक मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया है ताकि जल्दी में संसद का विशेष सत्र बुलाना हो तो वक्त जाया ना हो.

अप्रैल के विशेष सत्र में नहीं पास हो पाए बिल

सरकार ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को पास कराने के लिए 16-17 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया था. लेकिन बिल पास नहीं हो पाया था. क्योंकि तब इंडिया गठबंधन मजबूती से डटा रहा था. उस वक्त तृणमूल कांग्रेस और डीएमके मजबूती के साथ खड़े रहे और सरकार का प्रयास विफल हो गया. लेकिन अप्रैल से लेकर सितंबर तक भारतीय राजनीति में काफी कुछ बदल चुका है. तृणमूल कांग्रेस टूट चुकी है उसके 28 सांसदों में से 20 सांसद अलग हो कर एक नए दल में शामिल हो चुके हैं. वहीं उद्धव शिवसेना के 9 में से 6 सांसद टूट कर शिंदे सेना में चले गए हैं. 

सबसे महत्वपूर्ण है कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद नए समीकरण बने और डीएमके इंडिया गठबंधन से बाहर हो गई है और उसके 18 सांसद किसी भी पाले में नहीं हैं, वो ना एनडीए में हैं और ना ही इंडिया गठबंधन में. यही वजह है कि इन्हीं 22 सांसदों पर सरकार की निगाह है. लेकिन हुआ ये है कि तमिलनाडु सरकार ने अपने विधानसभा से एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें अगले 25 सालों तक लोकसभा की सीट फ्रीज करने की बात है और डीएमके उसका हिस्सा है. 

सरकार अभी भी कर रही कोशिश

सरकार ने अभी तक हार नहीं मानी है और डीएमके को अपने पाले में करने का प्रयास जारी है. यह भी कोशिश हो रही है कि डीएमके यदि सरकार के पक्ष में वोट ना करे तो कम से कम अनुपस्थित हो जाए जिससे लोकसभा का टोटल नंबर कम हो जाएगा और दो तिहाई बहुमत प्राप्त करना आसान हो सकता है. उसी के साथ सरकार शरद पवार वाली एनसीपी पर भी भरोसा कर रही है साथ ही उसकी नजर झारखंड मुक्ति मोर्चा,अकाली दल और उन सांसदों पर है जो अपनी पार्टी में हाशिए पर चले गए हैं.

कुल मिलाकर यदि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर डीएमके के साथ कर लेती है तो यह बिल पास किया जा सकता है और जैसा कि चर्चा चल रही है लगता है बात आगे बढ़ी है इसलिए अगले महीने विशेष सत्र बुलाने की संभावना बन रही है. यही वजह है कि मानसून सत्र का अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है.

यह भी पढ़ें: कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच अगले सप्ताह PM मोदी की मंत्रियों के साथ बैठक, जानें एजेंडा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Monsoon Season, Parliament Monson Session, Parliament Monsoo Session, Women Reservation, Women Reservation Act
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com