- मॉनसून के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है
- बद्रीनाथ हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण यात्रियों को जाम में फंसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
- जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है
मॉनसून सीजन के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है. हजारों की संख्या में लोग भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए बद्रीनाथ पहुंच रहे हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह लग रहा जाम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
कर्ण प्रयाग से लेकर बद्रीनाथ तक कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. चमोली के पास गोपेश्वर मार्ग क्षेत्र से लेकर जोशीमठ और मारवाड़ी तक यातायात प्रभावित हो रही है. वाहनों के जाम में फंसने के कारण श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है.
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को लेकर प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हालात इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. खासकर जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच सड़क का पर्याप्त चौड़ीकरण नहीं होने के कारण यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है.

वहीं, इन दिनों पितृपक्ष भी चल रहा है. पितृ तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मोक्षधाम बद्रीनाथ पहुंच रहे हैं. ऐसे में यात्रा और पितृपक्ष दोनों के कारण वाहनों का दबाव बढ़ गया है.
लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच पुलिस और प्रशासन की टीमों को जगह-जगह यातायात नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर किए जाने के साथ ही संवेदनशील स्थानों पर जाम से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है, ताकि उन्हें घंटों जाम में न फंसना पड़े.
चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु, बद्रीनाथ-गंगोत्री में पुराने रिकॉर्ड टूटे
चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. राज्य सरकार के मुताबिक, मौजूदा यात्रा सीजन में अब तक 53 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या करीब 46 लाख थी. बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पुराने रिकॉर्ड को पार कर चुकी है. बद्रीनाथ धाम में अब तक लगभग 20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. वहीं, गंगोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख तक पहुंच गई है.
यमुनोत्री धाम में भी अब तक 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम में 16 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.

सरकार के अनुसार, यात्रा में अभी करीब डेढ़ महीने का समय बाकी है. ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं की कुल संख्या में पिछले सालों की तुलना में और अधिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है. यहां श्रद्धालुओं की संख्या 4 लाख तक पहुंच चुकी है, जो बीते कई सालों की तुलना में अधिक बताई गई है.
राज्य सरकार के मुताबिक, चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं. इसे देखते हुए यात्रा मार्गों और संबंधित जिलों में जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं. राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
चमोली से सुरेंद्र रावत की रिपोर्ट...
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