- हिंगोली के पूर्णेश्वर महादेव मंदिर में दो दिन पहले ही स्थापित किया गया था शिवलिंग
- नागपंचमी पर लोग पूजा कर रहे थे, तभी सांप आकर शिवलिंग पर विराजमान हो गया
- सांप को देखने के लिए लोगों की भीड़ पहुंच गई, लोगों ने दूर से ही सांप की भी पूजा की
महाराष्ट्र के हिंगोली में नागपंचमी के दिन एक अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला. सेनगांव तालुका स्थित रेपा गांव के पूर्णेश्वर महादेव मंदिर में गांव की महिलाएं दो दिन पहले स्थापित किए गए नए शिवलिंग की पूजा कर रही थीं, तभी वहां अचानक एक सांप आकर शिवलिंग पर लिपट कर बैठ गया. नागराज के शिवलिंग पर विराजमान होने की खबर फैलते ही इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने दूर से ही दर्शन और पूजा की. बाद में नाग को कोई नुकसान न पहुंचे, इसलिए सर्पमित्र को बुलाकर उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हुई है, जो 28 अगस्त तक चलेगा. इस बार सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं. इस वर्ष सावन की सोमवारी पर दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार था. 23 वर्ष बाद सावन का सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन पड़े थे, जिससे 'सोमवती नाग पंचमी' का महासंयोग बना. मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र, और दूध में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करने से विशेष पुण्य मिलता है. इसके साथ ही इस दिन सर्वार्ध सिद्ध योग और शिववास का भी अद्भुत संयोग बना था.
सावन के आखिरी सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि का संयोग
24 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि का संयोग बन रहा है. यह सावन महीने का आखिरी सोमवार होगा. इस दिन भगवान शिव की पूजा करना विशेष फलदाई होगा. शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाने के बाद नारियल और काले तिल, बेलपत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर भगवान शिव की आरती करने से मनोकामना पूरी होती है.
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