जब आप शांति से बिना शोर-शराबा किए सिर्फ अपने काम से सरोकार रखते हैं, तो ईश्वर आपका रास्ता बना ही देते हैं! और स्विंग मास्टर और उम्र के 37वें साल में टीम इंडिया में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार के बारे में ऐसा कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं ही होगी! एक नया पैमाना सेट कर दिया है भुवी ने. जिस उम्र में या इससे कहीं पहले जहां भारतीय मीडियम पेसर खेल को अलविदा कह देते हैं, वहीं 3 साल, 10 महीने और 15 दिन पहले देश के लिए आखिरी मैच खेलने वाले भुवनेश्वर ने युवा पेसरों के सामने उदाहरण सेट करते हुए बताया है कि "उम्र महज एक नंबर है" सिर्फ एक 'टैंपलेट" भर बनकर नहीं रह गया है! मानक भुवनेश्वर ने सेट किया है, लेकिन बात यहां से बहुत दूर तक जाएगी! पिछले कई सालों से पूर्व क्रिकेटर भुवनेश्वर के पक्ष में गुहार लगा रहे थे, लेकिन अब जब भुवी करीब चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे हैं, तो यह सिर्फ भारतीय टी20 ही नहीं, बल्कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका सहित तीन देशों में आयोजित होने वाले वाले फिफ्टी-फिफ्टी विश्व कप के लिए भारतीय टीम में वापसी है! सेलेक्टरों ने टी20 टीम में चुनकर भुवनेश्वर को मेगा इवेंट से पहले हालात से ढालने का मौका दिया है. बहरहाल, अगर भुवनेश्वर की टीम इंडिया में लंबे अंतराल वापसी हुई है, तो उसके पीछे एक-दो नहीं, बल्कि कई वजह हैं. और इन तमाम वजहों का अगले साल विश्व कप से गहरा रिश्ता है. चलिए आप भुवनेश्ववर कुमार के फिर से टीम इंडिया और विश्व कप प्लानिंग में लौटने की क्रोनोलॉजी क्रमश: समझिए
1. बुमराह का लगातार चोटिल होना
पिछले करीब दो साल से जसप्रीत बुमराह का नियमित अतंराल पर चोटिल होने से टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ी हैं. कई मौकों पर टीम इंडिया को बुमराह का साथ नहीं मिला, तो उन्हें सेलेक्टिव मैचों में खिलाने की नीति भी गले नहीं उतरी. और अब जब अगले साल विश्व कप की तैयारियों का आगाज हो गया है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बुमराह फिट रहेंगे? क्या बुमराह के फिट होने की गारंटी है? और अगर फिट रहेंगे, तो क्या वह वनडे में दस ओवर का कोटा फेंक पाएंगे? यह एक बड़ा सवाल रहा, जिससे बुमराह की फिर से विश्व कप प्लानिंग में फिर से वापसी हो गई.
2. शमी का प्लानिंग से बाहर होना और धार खोना
पिछले साल 2023 विश्व कप में शुरुआती चार मैचों के बाद इलेवन का हिस्सा बनकर धमाकेदार प्रदर्शन कर भारत को फाइनल में पहुंचाने वाले मोहम्मद शमी चोट से उबरने के बाद घरेलू क्रिकेट खेल रहे. शमी ने टीम इंडिया में वापसी के लिए घरेलू क्रिकेट में काफी जोर लगाया, लेकिन न तो उनमें पिछले विश्व कप जैसी धार ही दिखी, तो वहीं मीडिया में उनके बयानों ने भी उनका भला नहीं ही किया. वहीं, शमी जब भी खेले, तो कभी लगातार दस ओवर फेंकने का भरोसा नहीं दे सके. पूरी तरह फिट भी नहीं दिखाई पड़े. नतीजा यह रहा कि मीडिया और पूर्व क्रिकेटरों के समर्थन के बावजूद अगरकर ने उनकी ओर देखना गवारा नहीं समझा और वह विश्व कप की प्लानिंग से बाहर हो गए. शमी का प्लानिंग से बाहर होना भी एक वजह रही कि अब सेलेक्टर फिर से भुवी की ओर देखने को मजबूर हुए.

Photo Credit: IANS
3. नहीं हो सका कोई युवा तैयार
भुवनेश्वर के साल 2022 में आखिरी मैच खेलने वाले साल से लेकर सेलेक्टरों ने व्हाइट-बॉल के अलग-अलग फॉर्मेटों में कई युवा पेसरों को मौके दिए. इनमें अर्शदीप सिंह, आवेश खान, दीपक चाहर, उमरान मलिक, मुकेश कुमार, मयंक यादव, हर्षित राणा, कुलदीप सेन, तुषार देशपाडें और नितीश कुमार रेड्डी, अशोक शर्मा सहित करीब दर्जन भर युवाओं को मौका दिया, लेकिन कोई (मंयक यादव) चोटिल होने के बाद गायब हो गया, तो किसी (उमरान मलिक) की गाड़ी पटरी पर चढ़ने से पहले ही उतर गई! नतीजा यह रहा कि विश्व कप के नजदीक आते-आते आजमाए गए करीब दर्जन भर बॉलरों में कोई भी पूरी तरह तैयार ही नहीं हो सका. ऐसे में चयन समिति के भरोसे के सवाल ही कहां रह जाता है. यही वजह रही कि पिछले चार सालों में फिटनेस, प्रदर्शन और प्रदर्शन तीनों स्तर पर खुद को ऊपर रखने वाले भुवनेश्वर ने फिर से खुद को विश्व कप प्लानिंग का हिस्सा बनाने पर मजबूर कर दिया.
4. लगातार प्रदर्शन पर आखिरी वार!
टीम इंडिया के लिए साल 2022 में आखिरी वनडे खेलने के बाद से भुवी भले ही पूर्व चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर एंड कंपनी वाली चयन समिति के रडार से दूर चले गए, लेकिन कुमार ने बिल्कुल भी हार नहीं मानी. और यहां से आईपीएल के सीजन दर सीजन उनका ग्राफ हर साल उम्र बढ़ने के साथ ऊपर ही होता गया, तो सीम और स्विंग ऐसी कि एक बार को 25-26 साल का पेसर भी ईष्या से भर उठे. आईपीएल के साल 2023 के सीजन में भुवी ने 16 विकेट चटकाए. अगले साल 11 विकेट के साथ उनका प्रदर्शन थोड़ा नीचे जरूर गया, लेकिन इससे अगले साल 17 विकेट लेकर फिर से अपनी सीम और स्विंग को लोहा मनवाया, तो वहीं इस साल के सीजन में कुमार सभी को हैरान करते हुए 28 विकेट लेकर दूसरे सबसे सफल बॉलर बने, तो उन्हें लेकर सभी के सुर बदल गए.
5. विश्व कप सिर पर तैयार, अनुभव की गहन दरकार!
अब जबकि कुछ दिन पहले बीसीसीआई की हुई रिव्यू मीटिंग के साथ ही विश्व कप की प्लानिंग की उलटी गिनती शुरू हो गई, तो अगले साल दक्षिण अफ्रीका सहित तीन देशों में होने वाले विश्व कप के लिए टिक किए जाने वाले 'सबसे जरूरी बॉक्सों' में सबसे बड़ा सवाल यही था कि तमाम हालातों के बीच बुमराह (?) से इतर अलग अनुभवी पेसर कौन होगा? कोई युवा तैयार नहीं दिख रहा था, तो पिछले दिनों मोहम्मद सिराज के प्रदर्शन और गति का उतार-चढ़ाव ने चिंता और बढ़ा दी थी. वहीं दूसरी तरफ इसी साल भुवनेश्वर ने आईपीएल की पाटा पिचों पर प्रदर्शन (28 विकेट) से ही नहीं, बल्कि यह भी दिखाया था कि 36वें साल में भी उनकी स्विंग और सीम कितनी ज्यादा जवान और खूबसूरत है!! और मैसेज यह भी दिया था कि उनकी यह सीम और स्विंग अगले साल विश्व कप की पिचों पर विरोधी टीमों क लिए कितनी ज्यादा खतरनाक और टीम इंडिया के लिए अनिवार्य रूप से जरूरी साबित हो सकती है. और यही वजह रही कि चयन समिति ने परंपरा से उलट एक बार फिर से पीछे की ओर देखते हुए भुवनेश्व कुमार को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 टीम में जगह देने के साथ ही विश्व कप की प्लानिंग में भी जगह दे दी.
.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं