- एक व्यक्ति ने सीजेआई के भाई को फोन कर उनके आदेश पर सवाल उठाया था, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया
- हरियाणा के निखिल और एकता पुनिया ने बौद्ध अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल में दाखिले की मांग की थी।
- कोर्ट ने पुनिया भाई-बहन की याचिका को खारिज करते हुए इसे सिस्टम का दुरुपयोग बताया और फ्रॉड करार दिया।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ दिन पहले एक आदेश जारी किया था, जिसके बाद एक शख्स ने उनके ही भाई को फोन कर डाला और पूछ लिया कि सीजेआई ऐसा आदेश कैसे जारी कर सकते हैं? इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने हरियाणा सरकार के वकील को कड़ी फटकार लगाई है. उन्होंने इस मामले में अवमानना की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
हरियाणा सरकार से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस बात का खुलासा किया. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'किसी ने मेरे भाई को फोन किया और पूछा कि मैंने ऐसा आदेश कैसे पारिस किया? उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए?'
-
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...!
यह भी पढ़ेंः वंदेमातरम अनिवार्य किए जाने के खिलाफ अर्जी, SC ने कहा- ये एडवाइजरी है, कोई मजबूर नहीं कर रहा
'उसकी हिम्मत कैसे हुई?'
इस मामले में नाराजगी जताते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सीधे हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील से बात की और इसमें शामिल व्यक्ति के बर्ताव पर सवाल उठाया.
सीजेआई ने कहा, 'उसकी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई को फोन करने की और यह पूछने की कि CJI ने आदेश कैसे पारित किया? क्या अब वह मुझे डिक्टेट करेगा? आपको इसकी पुष्टि करनी चाहिए और एक वकील के तौर पर आपको सबसे पहले इस मामले से हट जाना चाहिए.'
उन्होंने आगे सख्त चेतावनी देते हुए कहा, 'भले ही वह भारत के बाहर कहीं भी छिपा हो. मुझे पता है कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है. दोबारा कभी ऐसी कोशिश मत करना. मैं पिछले 23 सालों से ऐसे लोगों से निपटता आ रहा हूं.'
यह भी पढ़ेंः हरीश राणा के लिए अशुभ ही रहा नंबर 13, हादसे से लेकर मौत तक जुड़ा रहा कनेक्शन, सब समझिए
क्या था पूरा मामला?
हरियाणा के भाई-बहन निखिल पुनिया और एकता पुनिया ने PG मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए बौद्ध अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के तहत लाभ की मांग की थी. भाई-बहन ने दावा किया था कि बौद्ध धर्म अपनाने के बाद वे अल्पसंख्यकों को मिलने वाले लाभ के लिए पात्र हैं.
इस मामले में कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के सिलसिले में गाइडलाइंस जारी करने का निर्देश दिया था. मामले पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने इस मामले को सिस्टम का दुरुपयोग बताया था. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था, 'यह एक नए तरह का फ्रॉड है. हमें और ज्यादा कहने पर मजबूर मत करो.'
अदालत ने सवाल उठाया था कि पुनिया जाट समुदाय के उम्मीद हैं, जिन्हें सामान्य कैटेगरी में रखा जाता है. ऐसे में उन्हें अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र कैसे मिल सकता है. कोर्ट ने भाई-बहन की याचिका को खारिज कर दिया था. चीफ जस्टिस ने कहा था, 'आप अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनना चाहते हैं. आप सबसे समृद्ध समुदायों में से एक से आते हैं. अपनी योग्यता पर गर्व कीजिए.'
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी धर्मांतरण के समय को लेकर संदेह जाहिर किया था. उन्होंने कहा था, 'क्या वे परीक्षा से ठीक पहले बौद्ध बन गए थे?' उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा था कि ऐसे सर्टिफिकेट कैसे जारी किए गए?
यह भी पढ़ेंः धर्म परिवर्तन के बाद SC का दर्जा खत्म पर ST के लिए मामला अलग...सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सर्टिफिकेट के बाद भी नहीं मिला था एडमिशन
मेरठ में सुभारती मेडिकल कॉलेज एक बौद्ध अल्पसंख्यक संस्थान हैं, जिसे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) से मान्यता मिली है. हरियाणा के हिसार में रहने वाले कृष्ण पुनिया के बच्चे नितिन और एकता पुनिया को सब-डिविजनल ऑफिसर (सिविल) से बौद्ध अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट मिल गया था. लेकिन वे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाए थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं