विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे जनता दल यूनाईटेड के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को कोलकाता और लखनऊ जाएंगे. वे कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे. नीतीश कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जाएंगे.
संभावना है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ममता बनर्जी और अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान विपक्षी दलों को एकजुट करने की आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं.
-
दिल्ली एयरपोर्ट से होती है दुनिया में सबसे ज्यादा Uber बुकिंग, NDTV ग्लोबल समिट में डोमिनिक टेलर ने खोले राज -
Gen-Z को कैसे समझाएं? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने बताया तरीका -
NDTV World Summit: हिंदू धर्म को क्यों किया जाता है टारगेट? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी का जवाब -
एफिल टावर में विवाद का पूरा सच, BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने NDTV को बताया -
NDTV World Summit | भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, वैश्विक प्रभाव का केंद्र बन रहा है', प्रसन्ना मोहिले -
NDTV World Summit 2026 | 'भारत की तरक्की से नेपाल को भी फायदा', नेपाल के वित्त मंत्री ने क्यों कहा? -
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ ने कही ये बात -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी
नीतीश कुमार से जब रविवार को ममता बनर्जी से प्रस्तावित बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, ''यह सब अभी पूछने की क्या जरूरत है. हम जब सब कर लेंगे तब बात करेंगे.''
नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता के लिए अपनी मुहिम के बारे में कहा कि, ''हम अपने लिए कुछ नहीं चाहते, कितनी बार बोल चुके हैं. हमारी अपने लिए कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है. हम तो पूरे देश के हित में सोच रहे हैं. अभी जो कुछ भी हो रहा है, पूरे देश के इतिहास को बदलने के चक्कर में हैं. हम चाहते हैं कि देश सुरक्षित रहे. आजादी की जो इतनी बड़ी लड़ाई हुई, नई पीढ़ी को मालूम होना चाहिए. कुछ लोग आजकल सब चीजों को बदल देना चाहते हैं. सब लोग जब एक साथ हो जाएंगे, मिलेंगे तो देश सुरक्षित रहेगा. हम इसके लिए काम कर रहे हैं.''
इससे पहले इसी महीने दिल्ली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत वामपंथी नेताओं के साथ बीजेपी के खिलाफ 2024 में संयुक्त रणनीति को लेकर बैठकें की थीं.
नीतीश कुमार ने 12 अप्रैल को तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी. बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे. बैठक में ललन सिंह, मनोज झा, सलमान खुर्शीद, मुकुल वासनिक और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह भी मौजूद थे.
नीतीश कुमार ने उसी दिन शाम को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी.
फरवरी में, नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि यदि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 सीट से कम सीट पर सिमट जाएगी.
नीतीश कुमार ने पिछले साल सितंबर में भी दिल्ली का दौरा किया था, जब उन्होंने शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, डी राजा, सीताराम येचुरी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं से मुलाकात की थी. जद (यू), राजद, कांग्रेस और वाम दल बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं