NIT Silchar Gate Row: असम के कछार जिले स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) सिलचर में शनिवार सुबह सड़क मार्ग को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संस्थान परिसर से होकर गुजरने वाले एक महत्वपूर्ण मार्ग पर बिना किसी पूर्व सूचना के गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया, जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई. इस रास्ते का उपयोग ग्रामीण वर्षों से स्कूल, बाजार और कार्यस्थलों तक पहुंचने के लिए करते रहे हैं. विरोध के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया. बाद में ग्रामीणों ने बंद गेट को हटा दिया. घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप किया.
रास्ता बंद होने से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, बोरा खली टी एस्टेट और आसपास के गांवों को NIT सिलचर क्षेत्र से जोड़ने वाले मार्ग पर एक गेट लगाया गया था. ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में था और अचानक इसे बंद कर दिए जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग के बंद होने से छात्रों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी थीं.
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
रास्ता बंद होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. लोगों ने गेट लगाए जाने का विरोध करते हुए संस्थान प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक मार्ग को बंद करने से पहले स्थानीय लोगों से चर्चा की जानी चाहिए थी. उनका आरोप था कि बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति के रास्ता बंद कर दिया गया. बढ़ते विरोध के बीच ग्रामीणों ने गेट को हटा दिया.
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत
घटना के बाद NIT सिलचर के अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की. दोनों पक्षों के बीच चर्चा के बाद स्थिति शांत हुई और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क को फिर से पूरी तरह खोला जाए और भविष्य में इस तरह के फैसले लेने से पहले स्थानीय समुदाय से सलाह-मशविरा किया जाए.
पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि मामले के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाएगा.
संस्थान की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
घटना पर समाचार लिखे जाने तक NIT सिलचर की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. फिलहाल मामला सड़क के उपयोग और सार्वजनिक पहुंच से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रशासन और संस्थान के बीच आगे होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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