Viral News: लखीमपुर खीरी की सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. महज 13 वर्षीय कक्षा 8 के छात्र अमिताभ ने जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के सामने पहुंचकर अपनी समस्या बेबाकी से रखी और न्याय की गुहार लगाई. बच्चे ने आरोप लगाया कि उसके ताऊ ने उसके घर पर ताला लगा दिया है, जिससे उसका परिवार परेशान है. छात्र का आत्मविश्वास और अपनी बात को स्पष्ट रूप से रखने का अंदाज चर्चा का विषय बन गया. हालांकि बाद में प्रशासन की जांच में मामले के कई अन्य पहलू भी सामने आए.
समाधान दिवस में पहुंचा नाबालिग फरियादी
सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आमतौर पर बड़ी उम्र के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार एक नाबालिग छात्र ने अधिकारियों का ध्यान खींच लिया. कक्षा 8 में पढ़ने वाला अमिताभ सीधे जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के सामने पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराई. उसने बताया कि उसके ताऊ ने उसके मकान पर ताला लगा दिया है, जिसके कारण उसका परिवार परेशानी में है.
तहसील दिवस में डीएम और बच्चे की बात सुने ।
— Abhinav_bebaak (@abhinavBebaak) July 18, 2026
ज़िला लखीमपुर खीरी । pic.twitter.com/aH80XvfqoI
डीएम ने गंभीरता से सुनी शिकायत
बच्चे की बात सुनने के दौरान जिलाधिकारी ने उसे ध्यान से सुना और पूरे मामले की जानकारी ली. अमिताभ ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी. उसकी स्पष्टवादिता और बेबाक अंदाज से वहां मौजूद लोग भी प्रभावित हुए. जिलाधिकारी ने बच्चे को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह की जाएगी. साथ ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल मामले का संज्ञान लेने के निर्देश भी दिए गए.
जांच में ये मिला
घटना के कुछ समय बाद जिला सूचना विभाग की ओर से एक प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें मामले की जांच से जुड़े तथ्य साझा किए गए. डीएम के निर्देश पर शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिवार से बातचीत कर पूरे मामले की पड़ताल की. जांच के दौरान बच्चे की मां ने बताया कि अमिताभ पढ़ाई में कम रुचि लेता है और अक्सर इधर-उधर घूमता रहता है. उन्होंने कहा कि वह स्कूल यह कहकर गया था कि उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) की जरूरत है, लेकिन बाद में वह तहसील पहुंच गया.
ऐसी है पारिवारिक पृष्ठभूमि
जांच के दौरान परिवार की स्थिति को लेकर भी कई तथ्य सामने आए. बताया गया कि बच्चे के पिता ने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी से एक पुत्र है, जिसकी मां का निधन हो चुका है. वह वर्तमान में लखनऊ में अपनी बुआ के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है. जांच में यह भी जानकारी मिली कि जिस कमरे पर ताला लगाया गया था, वह पहले विवाह से जन्मे पुत्र के हिस्से का बताया जा रहा है. वहीं अमिताभ दूसरी पत्नी से जन्मा पुत्र है.
पिता की मानसिक स्थिति भी बनी चिंता का विषय
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं. ऐसे में पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े मुद्दों ने मामले को और जटिल बना दिया है. अधिकारियों का मानना है कि केवल ताला लगाने का मुद्दा ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की स्थिति को समझना भी जरूरी है.
बच्चे की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
प्रशासन ने मामले को सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चे की शिक्षा और उसके भविष्य को भी ध्यान में रखा. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो और परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए.
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