- मिडिल ईस्ट संकट के बीच होर्मुज स्ट्रेट में फंसे दो भारतीय एलपीजी टैंकर ओमान की खाड़ी पार कर चुके हैं
- दोनों टैंकरों में कुल 92 हजार मीट्रिक टन एलपीजी है जो अगले दो से तीन दिन में भारत पहुंचेंगे
- शिपिंग मंत्रालय के अनुसार इन टैंकरों पर सवार सभी 60 नाविक सुरक्षित हैं और हालात सामान्य हैं
मिडिल ईस्ट में संकट (Middle East Crisis) कारण पिछले करीब 23 दिनों से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी टैंकर अब सुरक्षित रूप से ओमान की खाड़ी को पार कर चुके हैं. ये दोनों टैंकर 92 हजार मीट्रिक टन से अधिक LPG स्टॉक लेकर अगले दो से तीन दिनों में भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे घरेलू आपूर्ति को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस बारे में शिपिंग मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है.
मंत्रालय की तरफ से क्या बताया गया
मंगलवार को शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने बताया, “कल दो LPG टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस कर चुके हैं. LPG टैंकर PINE GAS में 45,000 मीट्रिक टन LPG लोड है, जिसके 27 मार्च की सुबह तक न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचने की संभावना है.” उन्होंने बताया कि दूसरा LPG टैंकर Jag Vasant है, जिसमें 47,600 मीट्रिक टन LPG लोड है और यह 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा.
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सभी नाविक सुरक्षित
इन दोनों LPG टैंकरों पर कुल 60 नाविक सवार हैं, और सभी के सभी सुरक्षित हैं. मंत्रालय के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में दो बड़े LPG टैंकर होर्मुज से होकर हजारों मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंच चुके हैं. शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण अभी भी होर्मुज में 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इनमें पांच बड़े LPG टैंकर शामिल हैं, जिन पर करीब 2.30 लाख मीट्रिक टन LPG लोड है. इसके अलावा, एक और बड़े LPG टैंकर में अगले दो से तीन दिनों में LPG का स्टॉक लोड किया जाएगा, जिसके बाद वह भारत के लिए रवाना होगा.
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भारत की LPG निर्भरता और चिंता
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति पहले होर्मुज के जरिए भारत पहुंचती थी. ऐसे में इस समुद्री मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान भारत के लिए चिंता परेशानी का सबब बना हुआ है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, LPG की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, हालांकि अभी तक LPG वितरकों की ओर से आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है. मंत्रालय ने बताया कि अधिकांश आपूर्ति डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड (DAC) के माध्यम से हो रही है. साथ ही घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में कमी आई है और घरेलू LPG सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है.
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