- तमिलनाडु की 234 सीटों वाले विधानसभा में किसी एक पार्टी को बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए.
- चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने खुद को डीएमके और एआईएडीएमके दोनों का विकल्प बताने की कोशिश की.
- खुद विजय ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप लगाए तो बीजेपी को वैचारिक विरोधी बताया था.
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के शुरुआती रुझानों में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) 100 सीटों पर आगे चल रही है. तमिलनाडु की 234 सीटों वाले विधानसभा में किसी एक पार्टी को बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए. ऐसे में विजय की पार्टी टीवीके बहुत संभव है कि चुनाव में बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच जाए पर क्या वो अकेले सरकार गठन करने की स्थिति में आएगी? यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि एआईएडीएमके 75 से अधिक तो डीएमके 50 से अधिक सीटों पर आगे चल रही हैं, ऐसे में यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि तमिलनाडु में त्रिशंकू विधानसभा की स्थिति भी पैदा हो सकती है. तो बहुमत की 118 सीटें विजय की पार्टी कैसे जुटाएगी?
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय लगातार राज्य में डीएमके सत्ता से उखाड़ने की घोषणा करते रहे हैं. विजय की पार्टी को मिले जनता के समर्थन में यह स्पष्ट किया है कि यह डीएमके की सत्ता विरोधी रुझान है, क्योंकि डीएमके को 2021 के चुनाव में 146 सीटें हासिल थीं.
शुरुआती रुझानों में विजय भी दोनों सीटों पेरंबुर और तिरुचेरापल्ली पूर्व से आगे चल रहे हैं. विजय राज्य में अपने चुनावी भाषणों के दौरान यह लगातार कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी चुनाव के नतीजों के बाद सरकार का गठन करेगी ताकि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके.
उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान डीएमके शासन की अव्यवस्था, कानून-व्यवस्था का जोरदार विरोध किया है. उनके इस विरोध को देखते हुए नहीं लगता कि वो डीएमके का साथ लेंगे. उनकी पार्टी की तरफ से यह बयान भी लगातार आया है कि वो बिना किसी समर्थन के राज्य में सरकार गठन करेंगे.
चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने खुद को डीएमके और एआईएडीएमके दोनों का विकल्प बताने की कोशिश की. चुनाव के दौरान उनके पास युवाओं और महिलाओं का बड़ा समर्थन बताया जा रहा था जो अब वोटों में तब्दील होते दिख रहे हैं.
पार्टी के नेता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि टीवीके राज्य में अकेले ही सरकार का गठन करने में कामयाब होगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता डीएमके और एआईएडीएमके के त्रस्त है. खुद विजय ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप लगाए तो बीजेपी को वैचारिक विरोधी बताया था.
ऐसे में अब आगे रुझान जब वास्तविक आंकड़ों में बदलेंगे तो यह देखना दिलचस्प होगा कि कितनी सीटें टीवीके के पाले में आती हैं. उनकी पार्टी फिलहाल रुझानों में बहुमत के सबसे करीब है और बहुत संभव है कि उनकी पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल कर ले. अगर बहुमत से उनकी पार्टी दूर रहती है तो बहुत संभव है कि निर्दलीय विधायकों के समर्थन से वो सरकार बना लें.
बता दें कि कुछ एग्जिट पोल में टीवीके की पार्टी को स्पष्ट बहुमत का अनुमान लगाया गया था. एक्सिस माय इंडिया ने टीवीके को 98-120 सीटें मिलने का अनुमान जताया था.
इस बीच टीवीके के पक्ष में आते रुझानों के मद्देनजर सोमवार को विजय के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं, इसकी तस्वीरें सामने आई हैं.
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