- गुजरात के शराबबंदी कानूनों की अनदेखी किए जाने का आरोप बीजेपी सांसद मनसुख वासावा ने लगाया
- मनसुख वासावा ने नर्मदा जिले में अवैध शराब और जुआ नेटवर्क के स्थानीय पुलिस संरक्षण की बात अपने पत्र में कही
- सांसद ने महाराष्ट्र बॉर्डर से मिलावटी अंग्रेज़ी शराब की तस्करी और पुलिस की मिलीभगत का खुलासा किया
गुजरात में बीजेपी सांसद के एक दावे से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. मामला पूर्ण शराबबंदी वाले गुजरात में अवैध शराब के व्यापार से जुड़ा है. बीजेपी के वरिष्ठ सांसद मनसुख वासावा ने शराबबंदी कानूनों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया, जिसके बाद कांग्रेस को बैठे बिठाए सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है.
बीजेपी सांसद ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी को हाथ से लिखा एक पत्र भेजा. इस पत्र में भरूच सांसद ने दावा किया कि नर्मदा जिले में एक संगठित शराब और जुआ नेटवर्क एक्टिव है. उनका दावा है कि ये अवैध व्यापार स्थानीय पुलिस अधिकारियों के प्रत्यक्ष संरक्षण और मिलीभगत से चल रहा है, जिसकी वजह से पार्टी की बदनामी हो रही है.

गुजरात में अवैध शराब तस्करी का दावा
सांसद मनसुख वासावा ने आगे ये भी दावा किया कि कैसे भारी मात्रा में केमिकल मिलावट वाली अंग्रेज़ी शराब की तस्करी महाराष्ट्र बॉर्डर पार करके नर्मदा ज़िले में की जा रही है. उन्होंने अपनी चिट्ठी में बताया कि यह पूरा ऑपरेशन एक सुनियोजित भूमिगत नेटवर्क में बदल गया है, जहां माल की खेप कई चौकियों से बिना किसी रुकावट के आगे पहुंच रही है. उन्होंने खास तौर पर स्थानीय पुलिसकर्मियों और नर्मदा पुलिस विभाग के थाना अधिकारियों का नाम लेकर उनके खिलाफ तत्काल और कड़े एक्शन की मांग कर डाली.
सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील
बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि इस अनियंत्रित नशे की लत की वजह से स्थानीय युवा बर्बादी की तरफ बढ़ रहे हैं. उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में हर संभव हस्तक्षेप करने की भावुक अपील की. बीजेपी सांसद के इस खुलासे ने राज्य में पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. उनके इस खुलासे के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है.
शराब के मुद्दे पर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस पार्टी को गुजरात में बीजेपी को घेरने का मौका मिल गया है. कांग्रेस ने बीजेपी सांसद की इस चिट्ठी को राज्य सरकार की विफलता का सबूत बताते हुए पलटवार किया है. शराबबंदी वाले राज्य में शराब के कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता मनीष दोषी ने कहा, "मनसुख भाई ने गुजरात में शराब बेचने वालों की सच्चाई को प्रभावी ढंग से उजागर कर दिया है." शराबबंदी वाला राज्य गुजरात विडंबनापूर्ण रूप से शराब बिक्री का केंद्र बन गया है, और मादक पदार्थों का सेवन स्थानीय युवाओं के भविष्य पर एक गहरा असर डाल रहा है. उन्होंने राज्य सरकार पर अवैध शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह से विफल रहने का आरोप लगाया.
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