- ज्ञानेश कुमार विवाद पर सड़कों पर विपक्ष, दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर
- जंतर-मंतर के आसपास बढ़ी सुरक्षा, मार्च से पहले बैरिकेडिंग
- चुनाव आयोग मुख्यालय की भी सुरक्षा बढ़ाई गई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली में मंगलवार को प्रस्तावित विपक्षी मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया गया है. जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है और कई परतों में बैरिकेड लगाए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है. वहीं विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है.
जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई
मंगलवार को प्रस्तावित विपक्षी मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में जवान तैनात किए हैं और कई जगह बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी है. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा उपाय एहतियाती तौर पर किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके.
#WATCH | Delhi: Security has been tightened around the Jantar Mantar and Election Commission office ahead of the upcoming opposition protest. Delhi Police personnel have been deployed around the area, with barricades in place. https://t.co/MMJaX1jlpx
— ANI (@ANI) October 5, 2026
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया. ये प्रदर्शनकारी 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कथित तौर पर झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की.
फार्म 6 को लेकर आरोप प्रत्यारोप
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि उसने फॉर्म-6 के किसी भी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है. इसी फॉर्म का इस्तेमाल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए किया गया था. इसके बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर अपने हमले तेज कर दिए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने गैरकानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव किया. जबकि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया.
प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप है कि वे केवल एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ गलत व्यवहार किया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे रविवार शाम से सोमवार सुबह तक थाने के बाहर बैठे रहे थे. उनका कहना है कि शिकायत की स्थिति जानने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया गया. कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के साथ भी बल प्रयोग किया गया.
तीन महिला पत्रकारों ने लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप
3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. दिल्ली पुलिस ने कहा कि शिकायतें प्राप्त होने के बाद मामले को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार घटना के दौरान इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी हुई थी और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी.
AISA कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया. प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के पास लगाए गए बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे. मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल भी मौजूद बताए गए, जिन्होंने आगे बढ़ने का प्रयास किया.
राजनीतिक माहौल गरम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं. मंगलवार को प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस और प्रशासन की नजर
विपक्षी मार्च और विरोध प्रदर्शनों के बीच जंतर-मंतर, संसद मार्ग और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना प्राथमिकता है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं. ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर करीबी नजर रखी जा रही है.
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