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This Article is From Sep 09, 2025

एमपी का अजब हुक्मनामा : कथा का आदेश, प्रसादी का फरमान

NDTV ने जब चीफ इंजीनियर मसके से बात की तो उन्होंने कहा “ये आदेश नहीं है, न ही कोई आधिकारिक पत्र. यह मेरा व्यक्तिगत पत्र है. इसे डिस्पैच नहीं किया गया.”

एमपी का अजब हुक्मनामा : कथा का आदेश, प्रसादी का फरमान
  • भोपाल के लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने भगवान सत्यनारायण कथा और महाप्रसाद कार्यक्रम का नोटशीट बनाया था.
  • नोटशीट में उनके सरकारी निवास पर महाप्रसाद वितरण का आयोजन विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए बताया गया था.
  • संजय मस्के ने स्पष्ट किया कि यह कोई आधिकारिक आदेश नहीं था और नोटशीट विभाग में नहीं भेजी गई थी.
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अजब मध्यप्रदेश की गजब कहानी... भोपाल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक चीफ इंजीनियर संजय मस्के का एक सरकारी नोटशीट चर्चा का विषय बन गया है. इस नोटशीट में भगवान सत्यनारायण की कथा और उसके बाद महाप्रसाद वितरण के कार्यक्रम की जानकारी दी गई है. नोटशीट के अनुसार, यह कार्यक्रम 5 सितंबर को चीफ इंजीनियर के शासकीय निवास CPC-1, चार इमली, भोपाल पर आयोजित होगा. महाप्रसाद वितरण दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और इसमें विभाग के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को उपस्थित होकर महाप्रसाद का लाभ लेने के लिए सूचित किया गया है. यह सरकारी अंदाज वाला नोटशीट कई सवाल खड़े कर रहा है.

भोपाल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर संजय मस्के का एक सरकारी अंदाज वाला नोटशीट कई सवाल छोड़ गया है. नोटशीट में बाकायदा लिखा गया – “भोपाल संभाग लोक निर्माण विभाग कार्यालय अंतर्गत समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि भगवान सत्यनारायण की कथा उपरांत महाप्रसादी वितरण का कार्यक्रम दिनांक 5 सितम्बर को हस्ताक्षरकर्ता के शासकीय निवास CPC-1, चार इमली, भोपाल पर आयोजित है. दोपहर 1 बजे से महाप्रसादी वितरण का कार्यक्रम होगा, जिसमें समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों को उपस्थित होकर महाप्रसादी का लाभ लेने हेतु सूचित किया जाता है.”

अब इसमें सूचित किया जाता है ऐसा लग रहा है मानो कथा में न जाना कंडक्ट रूल तोड़ना हो और प्रसादी खाना ड्यूटी चार्ट का हिस्सा. NDTV ने जब चीफ इंजीनियर मसके से बात की तो उन्होंने कहा “ये आदेश नहीं है, न ही कोई आधिकारिक पत्र. यह मेरा व्यक्तिगत पत्र है. इसे डिस्पैच नहीं किया गया.”

यानी फाइल घर पर ही घूमी, विभाग में नहीं पहुंची. लेकिन जनता के व्हाट्सऐप ग्रुप तक जरूर पहुंच गई. कांग्रेस ने इसे आचरण नियमों का उल्लंघन बताया. प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता बोले “किसी अधिकारी को ऐसा आदेश देने का अधिकार नहीं है. यह संवैधानिक दायित्वों की अवमानना है.” वहीं भाजपा प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी ने जवाब दिया “कांग्रेस का दिमाग खराब हो गया है. अगर सनातनी हिंदू पूजा-पाठ करें तो कांग्रेस विरोध पर उतर आती है. कोई भी अपने सहकर्मियों को बुला सकता है.”

आपको याद होगा कि लोक निर्माण विभाग पुल गिरने से लेकर सड़क टूटने और 90 डिग्री के कोण वाले ब्रिज को लेकर हाल फिलहाल सुर्खियों में रहा है.

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