- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 सीटों में से 206 सीटें जीतकर ममता बनर्जी को सत्ता से हटा दिया है
- असम में एनडीए गठबंधन ने 126 सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा जमाकर जीत की हैट्रिक पूरी की
- तमिलनाडु में पहली बार चुनाव लड़ने वाली विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश, बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों ने सभी को चैंका दिया है. बीजेपी और एनडीए के लिए ही नहीं कांग्रेस और पहली बार चुनाव लड़े विजय के लिए भी ये चुनाव शानदार रहे. जहां बीजेपी गठबंधन ने तीन राज्यों में अपना परचम लहरा दिया वहीं कांग्रेस गठबंधन ने केरल का किला फतह कर लिया है. विजय अपनी फिल्मों की तरह ही तमिलनाडु की राजनीति में भी हिट हो गए. हालांकि त्रिशंकु विधानसभा होने की वजह से टीवीके अकेले सरकार नहीं बना सकेंगे, ऐसे में बीजेपी गठबंधन वाले एआईएडीएमके को इसका फायदा मिल सकता है. मतलब यह कि बीजेपी तमिलनाडु की सत्ता में भी एंट्री ले सकती है. विधानसभा चुनाव रिजल्ट के बारे में जानें पॉइंट्स में जानें सबकुछ.

1- बंगाल चुनाव बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हुआ है. 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. ममता सरकार की 15 साल बाद बंगाल से विदाई हो गई. टीएमसी गठबंधन महज 81 सीटों पर सिमट कर रह गई. कांग्रेस महज 2 सीटें ही जीत सकी. हैरानी की बात यह है कि ममता अपनी भवानीपुर सीट भी भी नहीं बचा पाईं. मतलब न सीएम और न ही विधायक. 2026 विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी के लिए आत्मचिंतन का चुनाव साबित हुआ है. उनका 15 साल का किला आखिर पूरी तरह भगवा कैसे हो गया इस पर उनको विचार करने की जरूरत है.

2- पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत का सबसे अहम फैक्टर मोदी 'मैजिक' रहा. पीएम मोदी की बात बंगाल की जनता के दिलों में बस गई और बीजेपी को इसका फायदा मिला. ऊपर से पश्चिम बंगाल में भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं की लगातार हुई चुनावी सभाओं ने भी चुनाव का रुख बीजेपी का तरफ मोड़ दिया. झालमूड़ी फेक्टर भी चुनाव में काफी अहम रहा.

3- असम में एक बार फिर हिमंता सरकार आ चुकी है. जीत की हैट्रिक से एनडीए का जोश हाई है. इससे एक बात को साफ हो गई कि असम की जनता को हिमंता की योजनाओं पर उनके राजनीति करने का तरीका बहुत पसंद आया है. ये चुनाव इस बात का सबूत है. 126 विधानसभा सीटों वाले असम में एनडीए ने 102 सीटों पर जीत हासिल की है. कांग्रेस महज 21 सीटों पर सिमटकर रह गई. AIUDF को सिर्फ 2 सीटों ही मिली हैं. असम में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा गौरव गोगोई को अपनी जोरहाज सीट तक नहीं बचा सके. बीजेपी को ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिला है.

4- पुडुचेरी में भी एनडीए गठबंधन की वापसी हो गई है. 30 सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन एनआरसी में 18 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं कांग्रेस को सिर्फ 6 सीटें ही मिलीं. वहीं टीवीके 3 सीटें ही जीत सकी. इस चुनाव में ये बता दिया है कि एनडीए का बेस्ट पुडुचेरी का विजन वहां के वोटर्स को खूब पसंद आया है.

5- तमिलनाडु में ये चुनाव गेम चेंजर साबित हुआ है. ऐसे राजनीति बदलाव की किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. डीएमके और न ही एआईएडीएमके. जनता ने भरोसा जताया तो एक्टर विजय की पार्टी टीवीके पर, जिसने पहली बार चुनाव लड़कर ही 234 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु में 108 सीटों पर कब्जा जमा लिया. टीवीके ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर स्टालिन को सत्ता से उखाड़ फेंका. डीएमके गठबंधन सिर्फ 73 सीटें ही जीत सका. जबकि बीजेपी गठबंधन वाले AIADMK को 52 सीटें मिली हैं. बीजेपी के लिए उम्मीद की करण अब भी बाकी है.विजय अकेले तो सरकार बना नहीं सकेंगे, क्यों कि बहुमत का आंकड़ा 118 है. ऐसे में बीजेपी गठबंधन को इसका फायदा मिल सकता है.

6- केरल का चुनाव कांग्रेस के लिए खुशियां लेकर आया है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट UDF ने वाम मोर्चे की 10 साल की सत्ता को उखाड़ फेंका. UDF ने 140 विधानसभा सीटों वाले केरल में 89 सीटों पर कब्जा जमा लिया है जो कि पिछले चुनाव की तुलना में दोगुना से ज्यादा हैं. एलडीएफ ने 35 सीटें जीती हैं. बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन केरल में खास नहीं रहा. बीजेपी गठबंधन सिर्फ 3 सीटें ही जीत सका. केरल के किले को भेदने के लिए बीजेपी को अभी और मेहनत की जरूरत है.

7- चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मिले जनादेश के बाद पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस चुनाव की खासियत रिकॉर्ड मतदान और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी रहा. इसके साथ ही उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वोटिंग के लिए चुनाव आयोग की भी जमकर तारीफ की.
8- पीएम मोदी ने कहा कि ‘‘आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है'' और यह बदलाव का समय है, बदले का नहीं. उन्होंने सभी दलों से राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को त्यागने और राज्य के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है.

9- बंगाल में टीएमकी की हार के बाद सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी पर सीटें लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में पूरी लूट हुई है लेकिन हम वापसी करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने खुद पर हमला होने का भी आरोप लगाया. उन्होंने बीजेपी को दानवों की पार्टी करार देते हुए 100 से ज्यादा सीटों को लूटने और धोका देने का आरोप लगाया . ममता ने चुनाव आयोग भाजपा आयोग कह दिया.

10- पांच राज्यों के चुनावी रिजल्ट पर प्रत्रिक्रया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर चुनावों की चोरी कर पश्चिम बंगाल और असम जीतने का आरोप लगाया. उन्होंने ममता बनर्जी के उस दावे का समर्थन किया कि पश्चिम बंगाल में 100 सीट की लूट की गई है. राहुल ने कहा कि 'हमने पहले भी यह तरकीब देखी है. मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और पिछले लोकसभा चुनाव में यह देखने को मिला था.
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