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दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल संकट के बीच पीएम मोदी की देशवासियों से अपील, बताया- क्या करें क्या ना करें

दुनियाभर में जारी पेट्रोल-डीजल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए पेट्रोल-डीजल बचाने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के समय जो व्यवस्थाएं अपनाई थीं, फिर से उन्हें अपनाने का समय आ गया है.

दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल संकट के बीच पीएम मोदी की देशवासियों से अपील, बताया- क्या करें क्या ना करें
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकट के दौरान पेट्रोल और डीजल की बचत करने की देशवासियों से अपील की है
  • उन्होंने कोविड काल की वर्क फ्रॉम होम और वीडियो कांफ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने पर जोर दिया है
  • मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल के कम उपयोग और मेट्रो तथा कार-पूलिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी है
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पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए पेट्रोल और डीजल बचाने को कहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हमने कोविड के समय कई सारी व्यवस्थाएं बना ली थीं और अब समय की मांग है कि हम उन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करें.

पीएम मोदी ने कहा कि 'हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की... ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी. आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है. आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा. क्योंकि दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है, इसलिए हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है तो पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वो मुद्रा भी बचानी है.'

वैश्विक अनिश्चितता को लेकर पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि 'दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है. COVID के समय में ही, महामारी के बाद, यूक्रेन में युद्ध शुरू हो गया, जिससे दुनिया भर की समस्याएं और बढ़ गईं. खाना, ईंधन और खाद पर बहुत बुरा असर पड़ा. पिछले पांच-छह सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है.'

उन्होंने कहा, 'युद्ध के कारण, दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और सारी हदें पार कर गई हैं. भारत के पास तेल के बड़े भंडार नहीं हैं. हमें दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीज़ल और गैस आयात करना पड़ता है.'

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उन्होंने अपील करते हुए कहा कि 'इस वैश्विक संकट में, हमें कुछ संकल्प लेने होंगे और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना होगा. एक बड़ा संकल्प है- पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करना. हमें पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा. जिन शहरों में मेट्रो उपलब्ध है, वहां हमें ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर कार से सफर करना जरूरी है, तो हमें कार-पूलिंग आजमानी चाहिए.'

पीएम मोदी ने कहा कि 'अगर सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना हो, तो हमें ज्यादा से ज्यादा रेलवे फ्रेट सेवाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियों को पेट्रोल या डीजल की जरूरत नहीं होती. जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं, उन्हें भी उनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की... ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी. आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है. आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा. क्योंकि दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है, इसलिए हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है तो पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वो मुद्रा भी बचानी है.'

पीएम मोदी ने लोगों से कम से कम एक साल के फॉरेन टूर न करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 'आजकल, मध्यम वर्ग के बीच डेस्टिनेशन वेडिंग, विदेश यात्रा और विदेशों में छुट्टियां मनाने का चलन बढ़ रहा है. ऐसे समय में, जब देश एक संकट का सामना कर रहा है और हमारी देशभक्ति हमें पुकार रही है, हमें कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्रा टालने का फैसला करना चाहिए. भारत के भीतर ही कई खूबसूरत जगहें हैं जहां कोई भी घूमने जा सकता है.'

उन्होंने आगे कहा कि 'पहले, जब भी कोई संकट या युद्ध होता था, तो लोग राष्ट्रहित में सोना दान करते थे. आज, दान की कोई आवश्यकता नहीं है. लेकिन राष्ट्र के हित में, हमें यह फैसला करना चाहिए कि पूरे एक साल तक, चाहे घर में कोई भी समारोह या कार्यक्रम क्यों न हो, हम सोने के आभूषण नहीं खरीदेंगे.'

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