- वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब कमर्शियल एयरलाइन FLY91 में पायलट बन गए हैं
- FLY91 का बेस गोवा और हैदराबाद है और अभी ये छोटे शहरों में ही ऑपरेशनल है
- FLY91 का मकसद टियर 2 और टियर 3 शहरों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना और हवाई टिकट सस्ता रखना है
वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब कमर्शियल पायलट बन गए हैं. अभिनंदन वर्धमान वही जांबाज पायलट हैं, जिन्होंने फरवरी 2019 में अपने मिग-21 से पाकिस्तान के F-16 को मार गिराया था. इसके लिए अभिनंदन को 2021 में 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया था. युद्ध काल में दिया जाने वाला यह भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है.
अब खबर है कि अभिनंदन वर्धमान वायुसेना से रिटायर होने के बाद कमर्शियल पायलट बन गए हैं. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अभिनंदन वर्धमान ने FLY91 नाम की एयरलाइन कंपनी जॉइन की है.
हालांकि FLY91 के प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा है कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी निजी मामला है.
क्या है FLY91?
FLY91 मार्च 2024 में शुरू हुई थी. इसकी फ्लीट में अभी 6 ATR 72-600 विमान हैं. इसके बेस गोवा और हैदराबाद में हैं.
इसके नाम के पीछे भी एक खास वजह है. भारत के डायलिंग कोड +91 से प्रेरित होकर इसका नाम FLY91 रखा गया है. मार्च 2024 में इसे डायरेक्टोरेट जनरल सिविल एविएशन (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) मिलने के बाद एयरलाइन ने 18 मार्च 2024 को गोवा से बेंगलुरु के बीच पहली उड़ान शुरू की थी.
दावा है कि इसकी फ्लाइट टिकट सबसे सस्ती होती है. यह अभी छोटे शहरों को जोड़ती है. कंपनी का कहना है कि वह टियर 2 और टियर 3 शहरों से हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है.

Photo Credit: FLY91
कंपनी दावा करती है कि उसका मकसद हर भारतीय के लिए हवाई यात्रा को आसान बनाना है. इसकी फ्लीट में बोइंग या एयरबस जैसे बड़े-बड़े विमान नहीं हैं. बल्कि इसकी फ्लीट में ATR 72-600 विमान हैं.
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किसने शुरू की यह कंपनी?
FLY91 की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, कंपनी को इंडस्ट्री से जुड़े अनुभवी लोगों और प्रोफेशनल फंडिंग की मदद से शुरू किया गया था.
इस कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज चाको हैं. मनोज चाको पहले किंगफिशर एयरलाइंस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. वह एमिरेट्स एयरलाइंस में सेल्स मैनेजर और अमेरिकन एक्सप्रेस में कंट्री हेड (ग्लोबल बिजनेस ट्रैवल) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
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Photo Credit: FLY91
कितनी बड़ी कंपनी है FLY91?
इस कंपनी को शुरू हुए अभी कुछ ही साल हुए हैं. अभी यह सिर्फ छोटे शहरों तक सीमित है. FLY91 की फ्लीट में 6 विमान हैं, जिनमें से दो फरवरी में ही जुड़े हैं.
अभी FLY91 के बेस गोवा और हैदराबाद ही है. कंपनी गोवा और हैदराबाद से 12 जगहों के लिए फ्लाइट ऑपरेट करती है. हर हफ्ते इसकी 280 उड़ानें उड़ती हैं. मनोज चाको ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी का टारगेट 50 शहरों तक अपनी उड़ान शुरू करने का है.
Every FLY91 flight begins with IC.
— fly91.in (@fly91_IN) August 7, 2026
It's our airline code. Once the iconic code of Indian Airlines, today, it is proudly carried forward by us.
This Reel is our little tribute to those two letters... and to everything we see every day! #fly91 #bharatunbound #atr #aviation pic.twitter.com/P3ISHZnHzz
लेकिन इसके लिए कंपनी को ज्यादा विमानों की जरूरत भी होगी. दिलचस्प बात है कि जिस दिन अभिनंदन वर्धमान के FLY91 से जुड़ने की खबर सामने आई, उसी दिन यह भी खबर आई कि कंपनी ने 40 ATR 72-600 ऑर्डर किए हैं.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह डील लगभग 1 अरब डॉलर में हुई है. हालांकि, सीईओ मनोज चाको का कहना है कि कंपनी को डिस्काउंट मिला है, जिसका खुलासा उन्होंने नहीं किया. उन्होंने बताया कि 2027 में कंपनी को पहला विमान मिल जाएगा और बाकी के सभी विमान 2032 या 2033 तक मिल जाएंगे.
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बोइंग-एयरबस की जगह ATR 72-600 क्यों?
FlY91 बड़े रूट पर फ्लाइट नहीं चलाती है. छोटे रूट के लिए बोइंग और एयरबस जैसे जेट की जगह ATR 72-600 विमानों का चलाना सस्ता पड़ता है और ये छोटे रनवे से भी उड़ान भर सकते हैं.
इससे एयरलाइंस को ऐसे छोटे एयरपोर्ट और रूट पर सर्विस देने का मौका मिलता है जो एयरबस A320 और बोइंग 737 MAX जैसे विमानों के लिए सही नहीं होते. ATR 72-600 विमानों के कारण ही FLY91 की टिकट सस्ती भी होती है.
मनोज चाको ने रॉयटर्स को बताया कि FLY91 ने 2.63 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है और वह और 2.63 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश कर रहे है. उन्होंने बताया कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी को केंद्र सरकार की 'उड़ान' स्कीम से मदद भी मिलती है.
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