दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर विमान कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने की मांग की है. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि CTI की रिसर्च में सामने आया है कि कुछ दिनों पहले जो हवाई टिकटें सस्ती थीं, वही टिकटें अब दोगुने से ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं.
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अचानक से इंडिगो, एअर इंडिया आदि विमान कंपनियों ने 50% से 100% तक हवाई किराया बढ़ा दिया है. इससे मध्यम वर्ग और अपर मध्यम वर्ग की कमर टूट गई है. चूंकि गणपति महोत्सव के साथ ही देश में त्योहारी सीजन शुरू हो गया है जो कि दिवाली और छठ पूजा तक चलेगा , ऐसे में लोगों की हवाई यात्रा की फ्रिक्वेंसी भी बढ़ेगी, ऐसे समय में 100% किराया बढ़ा देना खुलेआम विमान कंपनियों की मनमानी है .
कुछ वक्त पहले और अब के किराए में कितना आया अंतर?
कुछ समय पहले जहां दिल्ली मुंबई का आने-जाने का हवाई किराया 10000 रूपए था. अब वो 18000 से 25000 रूपए हो गया है.
- दिल्ली अहमदाबाद का किराया 10000-12000 रुपये किराया थ. अब वो 18000-20000 रूपए कर दिया है. दिल्ली बैंगलोर का 12000-15000 रूपए किराया था जो कि अब 30000- 35000 कर दिया गया है.
- दिल्ली कोलकाता का किराया जो कि पहले 11000 रुपये था वो अब 20000 रुपये कर दिया गया है .
- इसके अलावा इंडिगो ने बच्चों (3 दिन से 2 साल) का शुल्क भी 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जबकि बच्चों को सीट भी नहीं मिलती.
बृजेश गोयल ने कहा, "एविएशन डेटा एजेंसी OAG के अनुसार कंपनियों ने सितंबर में ही घरेलू क्षमता 5.6% घटा दी है. इंडिगो ने 4.5% और एअर इंडिया ने 8.8% सीटें कम की हैं. जबकि दोनों कंपनियों का 90% से ज्यादा मार्केट पर कब्जा है. त्योहार पर सीटें घटाकर किराया बढ़ाना लूट है."
CTI की केंद्र सरकार से मांग है कि सरकार तुरंत विमान कंपनियों पर नकेल कसे और हवाई किरायों में कटौती कराए.
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