- तेलंगाना के पेड्डापल्ली में 20 साल की इंजीनियरिंग छात्रा की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है
- पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और बताया कि लड़की ने खुदकुशी नहीं की थी
- पुलिस के मुताबिक, नवीन ने छात्रा को कीटनाशक पिलाकर उसकी जान ली और हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की
तेलंगाना के पेड्डापल्ली के गोदावरीखानी में एक 20 साल की इंजीनियरिंग स्टूडेंट की मौत की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार 10 दिन बाद सुलझा ली. से शुरुआत में संदिग्ध मौत माना गया था, लेकिन अब पुलिस ने खुलासा किया है कि उसे जबरन कीटनाशक पिलाकर मारा गया और घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई. इस मामले में 20 सितंबर को पुलिस ने नासपुर के SCCL पॉलिटेक्निक कॉलेज में आउटसोर्स लेक्चरर जेटी नवीन कुमार और सिंगरेनी में ओवरमैन बोम्माकांथी रवि कुमार को गिरफ्तार किया है. साथ ही एक कार और एक मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं.
पुलिस ने ये गिरफ्तारियां थांड्रा अक्षिता रानी की मौत की जांच के बाद की हैं. दरअसल 20 साल की स्टूडेंट की 13 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पेड्डापल्ली के DCP बी. राम रेड्डी ने बताया कि गिरफ्तार नवीन से अक्षिता रानी की मुलाकात नासपुर के पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा करने के दौरान हुई थी. जब वह माइनिंग इंजीनियरिंग के लिए हैदराबाद गई और उसकी मुलाकात सिंगरेनी खदान में अप्रेंटिसशिप के दौरान रवि कुमार से हुई, तब दोनों रिश्ते में खटास आ गई.
अक्षिता का दूर जाना नहीं हुई बर्दाश्त, रची हत्या की साजिश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, DCP ने बताया कि अक्षिता का दूर जाना और रवि कुमार के पास आना नवीन से बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ. उसने दोनों के लिए अपने मन में नफरत पाल ली. पुलिस का कहना है कि 12 सितंबर को अक्षिता रानी जब अपने घर लौट रही थी तभी नवीन ने उसे FCI चौराहे के पास रोका और अपनी कार में उसे ले गया. उससे एक नोट लिखवाया, जिसमें रवि कुमार पर कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था. फिर उसने कथित तौर पर उसे कीटनाशक पीने के लिए मजबूर किया.
परिवार को दिलाया बेटी की खुदकुशी का भरोसा
पुलिस का ये भी आरोप है कि अक्षिता जब बेहोश हो गई तो नवीन ने जान-बूझकर उसके इलाज में देरी की. बाद में उसके पिता को फोन कर उसकी हालत के बारे में बताया ताकि परिवार को यह विश्वास दिलाया जा सके कि उसने आत्महत्या की है. अक्षिता को 12 सितंबर को गोदावरीखानी सरकारी अस्पताल ले जाया गया और अगले दिन 13 सितंबर को उसकी मौत हो गई. डीसीपी राम रेड्डी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से मौत की यह गुत्थी सुलझाई गई. इन सबूतों से उन्हें घटनाओं के क्रम को समझने और नवीन को मुख्य आरोपी के तौर पर पहचानने में मदद मिली.
पुलिस रवि कुमार के खिलाफ अक्षिता के आरोपों की अलग से जांच कर रही है. हालांकि रवि की पत्नी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उनको झूठे मामले में फंसाया गया है. उन्होंने दावा किया कि सिंगरेनी की आंतरिक जांच में उन्हें बेगुनाह पाया गया था.
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