गोरखपुर और स्पेन के बीच लगभग 8 हजार किलोमीटर की दूरी है. अगर गोरखपुर से स्पेन की राजधानी मैड्रिड के लिए डायरेक्ट फ्लाइट लेते हैं तो 9 घंटे से ज्यादा का समय लग जाएगा. गोरखपुर और स्पेन में वैसे तो कोई तुलना नहीं है, क्योंकि गोरखपुर जहां एक राज्य का एक जिला है तो वहीं स्पेन एक पूरा देश. लेकिन फिर भी बीजेपी सांसद रवि किशन बार-बार गोरखपुर की तुलना स्पेन से करते हैं.
अब एक बार फिर रवि किशन ने गोरखपुर की तुलना स्पेन से की है. हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमको गोरखपुर स्पेन जैसा लगता है, अगर तुमको नहीं लगता तो तुम अंधे हो.
अब जब गोरखपुर और स्पेन की तुलना हो ही रही है तो यह भी जान लेना चाहिए कि स्पेन असल में है कैसा? स्पेन को अगर कुछ चीज सबसे खास बनाती है तो वह है उसकी लोकेशन. स्पेन ऐसी जगह पर है, जहां से वह पांच महाद्वीपों के बीच एक पुल बन गया है.
स्पेन 16वीं सदी में एक सुपरपावर बन गया था. 19वीं सदी तक स्पेन का साम्राज्य बहुत बड़ा हो गया था. कुछ समय तक स्पेन गृह युद्ध की आग में भी झुलसा तो कई दशकों तक यहां फ्रांसिस्को फ्रेंको की तानाशाही भी चली. 1975 के बाद स्पेन ने लोकतंत्र को अपनाया और एक आधुनिक अर्थव्यवस्था बन गया.
कितना बड़ा है स्पेन?
स्पेन के साइज की बात करें तो यह उत्तर प्रदेश से लगभग दोगुना है. उत्तर प्रदेश जहां 2.43 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है तो वहीं स्पेन 5.06 लाख वर्ग किमी से ज्यादा में फैला हुआ है. जबकि गोरखपुर का एरिया 3,484 वर्ग किमी में है. इस हिसाब से गोरखपुर से स्पेन 150 गुना से भी ज्यादा बड़ा है.
हालांकि, उत्तर प्रदेश से दोगुना होने के बावजूद स्पेन की आबादी 5 करोड़ से भी कम है. यूपी की आबादी जहां 22 करोड़ के आसपास है तो वहीं स्पेन की आबादी 4.85 करोड़ है.
स्पेन अटलांटिक और भूमध्य सागर के बीच है. यूरोप और अफ्रीका इसी जगह पर मिलते हैं. पश्चिम में स्पेन की सीमा पुर्तगाल और दक्षिण में जिब्राल्टर और मोरक्को से लगती है. उत्तर-पूर्व में इसकी सीमा फ्रांस से सटी है. पुर्तगाल और स्पेन के बीच 1,214 किलोमीटर लंबी सीमा है जो यूरोप की सबसे लंबी सीमा है.
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स्पेन का इन्फ्रास्ट्रक्चर कैसा है?
स्पेन वो देश है, जहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर दुनिया में बेस्ट माना जाता है. वर्ल्ड कंपीटेटिवनेस की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में स्पेन दुनिया में 26वें नंबर पर है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन में 50 एयरपोर्ट हैं और 157 देशों के लिए यहां से फ्लाइट मिलती हैं. यूरोप के दो सबसे बिजी एयरपोर्ट- मैड्रिड और बार्सिलोना यहीं हैं.
इसके अलावा, स्पेन में सड़कों का 17,600 किलोमीटर से ज्यादा लंबा नेटवर्क है. यूरोप में सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क स्पेन में ही है. रोड कनेक्टिविटी के मामले में स्पेन दुनिया में पहले नंबर पर है.
इतना ही नहीं, स्पेन में 15,600 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क भी है. इसमें से 4,000 किलोमीटर का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है. स्पेन दूसरा देश है जहां सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है.
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स्पेन कैसा है?
स्पेन वो देश है जहां सुरक्षा भी है और शांति भी. ग्लोबल पीस इंडेक्स की 2026 की रैंकिंग में स्पेन 163 देशों में 27वें नंबर पर है. यह दुनिया के सबसे शांत और सुरक्षित देशों में आता है.
स्पेन में क्राइम भी बहुत कम है. यहां सबसे आम अपराध जेब काटना और छोटी-मोटी चोरी है, जो बार्सिलोना और मैड्रिड जैसे बड़े टूरिस्ट हब में होती है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, स्पेन में हर साल लगभग 300 से 350 हत्याएं होती हैं. हर 10 लाख आबादी पर 6 या 7 हत्याएं. जबकि, अमेरिका जैसे देश में हर 10 लाख लोगों पर 55 से 60 हत्याएं होती हैं. भारत में हर 10 लाख आबादी पर 28 से 30 हत्याएं होती हैं.
स्पेन में हर साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के 19 से 20 हजार मामले सामने आते हैं. यहां गैर-सहमति वाले शारीरिक कृत्य को सीधे यौन अपराध में रखा जाता है. इसलिए इनकी संख्या भी ज्यादा है. और तो और, स्पेन यूरोप का पहला देश था जिसने 2004 में जेंडर वॉयलेंस के खिलाफ कानून बनाया था.
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और यहां की इकोनॉमी क्या है?
स्पेन दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, स्पेन की जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. भारतीय करंसी में यह रकम 190.28 लाख करोड़ रुपये होती है.
जबकि, उत्तर प्रदेश की जीडीपी 30 लाख करोड़ रुपये है. गोरखपुर की जीडीपी 20,102 करोड़ रुपये है. इसका मतलब हुआ कि स्पेन की जीडीपी उत्तर प्रदेश की तुलना में 6 गुना से भी ज्यादा है.
स्पेन की जीडीपी बहुत हद तक टूरिज्म पर निर्भर है. 2025 में स्पेन सबसे ज्यादा टूरिस्ट वाला दूसरा देश था. यहां की जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 13% के आसपास है.
वर्ल्ड बैंक के डेटा के मुताबिक, स्पेन में हर आदमी की सालाना औसतन कमाई 38,627 डॉलर यानी 36.75 लाख रुपये है. इसकी तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय 1.92 लाख रुपये ही है. जबकि, उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1.26 लाख रुपये है. इसका मतलब है कि स्पेन में रहने वाला व्यक्ति भारतीय की तुलना में 19 से 20 गुना ज्यादा कमाता है.
स्पेन में गरीबी भी न के बराबर है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, स्पेन की सिर्फ 0.81% आबादी ही गरीबी रेखा से नीचे आती है.
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