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ईरान की एयरलाइंस पर मंडराया सबसे बड़ा संकट, अमेरिका का प्लान तैयार- जो मदद देगा उसपर भी एक्शन की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में आर्थिक कार्रवाई को भी एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी के तहत अब ईरान के सभी एयरलाइंस को दुनिया भर में ग्राउंड करने की तैयारी है.

ईरान की एयरलाइंस पर मंडराया सबसे बड़ा संकट, अमेरिका का प्लान तैयार- जो मदद देगा उसपर भी एक्शन की तैयारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव की रणनीति भी अपना रहे हैं
  • अमेरिका ने ईरान की एयरलाइंस के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई, उसे दुनिया भर में ग्राउंड किया जाएगा
  • अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने चेतावनी दी है कि ईरानी एयरलाइंस को विदेशों में काम करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा
  • अमेरिका ने उन कंपनियों को भी धमकी दी है जो ईरान की एयरलाइंस को फ्यूल, टिकट या लैंडिंग सुविधा प्रदान करती हैं

7 महीने की जंग के बाद भी ईरान को कंट्रोल में नहीं ले पाए अमेरिका ने नया पैंतरा चला है. अब कोशिश यह है कि ईरान की एयरलाइंस पर ऐसा संकट लाया जाए, जिससे उनकी दुनिया भर की उड़ानें रुक जाएं. अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि अगर दूसरे देशों की कंपनियों ने ईरान की एयरलाइंस की मदद जारी रखी तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि इसी हफ्ते से ईरान की सभी एयरलाइंस के लिए विदेशों में काम करना लगभग नामुमकिन हो सकता है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को करीब सात महीने होने वाले हैं. इसी बीच बेसेंट ने सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया भर में ईरान की सभी एयरलाइंस को बंद कर दिया जाएगा. बेसेंट ने सिर्फ ईरान की एयरलाइंस को ही निशाना बनाने की बात नहीं की. उन्होंने ईरानी एयरलाइंस को जगह देने वाले एयरपोर्ट, टिकट बेचने वाली कंपनियां, फ्यूल देने वाली कंपनियां और एयरलाइंस को विदेशों में काम करने में मदद करने वाले दूसरे कारोबार को भी धमकी दी है.

उन्होंने कहा, “हम ऐसा कैसे करेंगे? अगर उनका प्लेन कहीं उतरता है तो आप उन्हें फ्यूल नहीं दे सकते, लैंडिंग की सुविधा नहीं दे सकते और उनके टिकट नहीं बेच सकते. अगर आपने ऐसा किया तो आपको डॉलर की व्यवस्था से बाहर कर दिया जाएगा.”

बेसेंट ने कहा कि इस तरह ईरान की एयरलाइंस को 23 सितंबर तक दुनिया भर में अपना काम करने से लगभग बाहर किया जा सकता है.

अमेरिका अपना रहा आर्थिक दबाव की रणनीति

यह धमकी ईरान पर अमेरिका के आर्थिक दबाव को और बढ़ाने वाला नया कदम है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में आर्थिक कार्रवाई को भी एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पहले अमेरिका ईरान के विमानन उद्योग पर बैन लगा चुका है. बेसेंट ने ईरान के खिलाफ “आर्थिक डी-डे” की चेतावनी भी दी थी और कहा था कि अमेरिका ईरान की आर्थिक व्यवस्था को पैसे की कमी से कमजोर करेगा.

बेसेंट की इस नई आर्थिक कार्रवाई पर ईरान की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है. हालांकि, कई देशों ने अमेरिकी धमकी के बाद ईरान की बैन एयरलाइंस के खिलाफ कदम उठाना शुरू कर दिया है. इराक के दो सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय की घोषणा के बाद बगदाद ईरान की एयरलाइंस की उड़ानों को रोक देगा. जॉर्जिया ने भी ईरान की एयरलाइंस को अपने देश में उड़ान भरने से रोक दिया है. वहीं, ईरान की एयरलाइन महान एयर ने कहा कि उसने तुर्की सरकार के कहने के बाद तुर्की के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं.

बता दें कि ईरान का विमानन क्षेत्र पहले से ही लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान के लिए नए प्लेन, प्लेन के जरूरी हिस्से और उनकी मरम्मत से जुड़ी सेवाएं (सर्विसेज) हासिल करना मुश्किल रहा है.

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