
सुप्रीम कोर्ट ने जाटों को ओबीसी सूची में शामिल करने वाली केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में वह फैसले से संतुष्ट है। कोर्ट ने तीन हफ्ते के भीतर सरकार से इस मामले में रिपोर्ट की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को दरकिनार कर यूपीए सरकार ने वोट की खातिर जाट समुदाय को ओबीसी कोटा में आरक्षण दिया है।
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताया था और केंद्र सरकार को इस संबंध में तमाम रिपोर्ट दाखिल करने का नोटिस भेजा था।
गौरतलब है कि जाट समुदाय को दिल्ली, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश समेत नौ राज्यों में आरक्षण दिया गया है और लोकसभा की करीब 25 सीटों पर उनका सीधे-सीधे दखल है। इस मामले में कुछ जाट संगठनों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपना पक्ष रखने की अपील की है।
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