World Thyroid Day 2026: विश्व थायरॉइड दिवस हर साल 25 मई को थायरॉइड डिसऑर्डर्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने, शुरुआती जांच को बढ़ावा देने और समय पर इलाज की इंपोर्टेंस पर जोर देने के लिए मनाया जाता है. आजकल 35 की उम्र पार करने के बाद वजन बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. ज्यादातर लोग इसे बढ़ती उम्र, कम एक्टिव लाइफस्टाइल या हार्मोनल बदलाव का सामान्य असर मान लेते हैं. लेकिन, अगर आपका वजन बिना किसी खास कारण के तेजी से बढ़ रहा है, हमेशा थकान महसूस होती है या शरीर पहले जैसा एक्टिव नहीं लग रहा, तो इसे नजरअाज नहीं करना चाहिए. कई बार इसके पीछे थायरॉयड की समस्या छिपी हो सकती है. थायरॉयड एक छोटी-सी ग्रंथि होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी और कई जरूरी कार्मों को कंट्रोल करती है. जब यह ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर कैलोरी को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता और धीरे-धीरे वजन बढ़ने लगता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय रहते इसके संकेत पहचान लेना बेहद जरूरी है.
सिर्फ उम्र नहीं, थायरॉयड भी हो सकता है वजह
अक्सर लोग मान लेते हैं कि 35 के बाद वजन बढ़ना बिल्कुल सामान्य है. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म थोड़ा धीमा जरूर हो जाता है, लेकिन हर बार इसका कारण सिर्फ एजिंग नहीं होता. अगर डाइट और लाइफस्टाइल पहले जैसी ही है, फिर भी वजन बढ़ रहा है, तो यह थायरॉयड डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है.
डॉ. चिराग टंडन कहते हैं, "जब थायरॉयड ग्रंथि कम एक्टिव हो जाती है, तब शरीर कैलोरी को धीमी गति से उपयोग करता है. इससे वजन बढ़ने लगता है, साथ ही थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर उम्र का असर समझ लेते हैं.”
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थायरॉयड कैसे बढ़ाता है वजन? | How Does the Thyroid Cause Weight Gain?
थायरॉयड ग्लैंड गर्दन में मौजूद तितली के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है. जब यह कम एक्टिव हो जाती है, जिसे हाइपोथायरॉयडिज्म कहा जाता है, तब शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता घट जाती है.
इस स्थिति में वजन धीरे-धीरे बढ़ता है और कई लोगों को शरीर में सूजन या ब्लोटिंग भी महसूस हो सकती है. इसके अलावा शरीर सुस्त रहने लगता है और रोजमर्रा के काम करने में भी एनर्जी की कमी महसूस होती है.
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महिलाओं में ज्यादा क्यों दिखती है यह समस्या?
35 की उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव तेजी से होने लगते हैं. प्रेग्नेंसी, पीरियड्स से जुड़े बदलाव और ऑटोइम्यून बीमारियां महिलाओं में थायरॉयड की समस्या का खतरा बढ़ा देती हैं. हालांकि पुरुष भी इससे अछूते नहीं हैं और उनमें भी थायरॉयड से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिल सकती हैं.
इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें
सिर्फ वजन बढ़ना थायरॉयड का संकेत नहीं माना जाता, लेकिन अगर इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिखें तो सावधान हो जाना चाहिए. जैसे:
- हर समय थकान महसूस होना
- सामान्य से ज्यादा ठंड लगना
- बाल झड़ना
- ड्राई स्किन
- कब्ज की समस्या
- चेहरे या गर्दन में सूजन
- मूड स्विंग
- चिंता या डिप्रेशन
- महिलाओं में पीरियड्स इर्रेगुलर होना
- डाइट और एक्सरसाइज के बाद भी वजन कम न होना
ये लक्षण अचानक नहीं आते बल्कि धीरे-धीरे बढ़ते हैं. यही वजह है कि कई लोग इन्हें लंबे समय तक पहचान नहीं पाते.
समय पर जांच क्यों जरूरी है?
थायरॉयड की पहचान करना मुश्किल नहीं है. इसके लिए सिर्फ एक ब्लड टेस्ट की जरूरत होती है, जिसे थायरॉयड फंक्शन टेस्ट कहा जाता है. इससे पता चल जाता है कि शरीर में थायरॉयड हार्मोन सही मात्रा में बन रहे हैं या नहीं.
डॉ. चिराग टंडन बताते हैं, "अगर थायरॉयड की समस्या को शुरुआती चरण में पकड़ लिया जाए, तो दवा, हेल्दी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और अच्छी नींद की मदद से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है."
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इलाज में लाइफस्टाइल की भी बड़ी भूमिका
थायरॉयड होने का मतलब यह नहीं कि सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहा जाए. हेल्दी लाइफस्टाइल भी उतनी ही जरूरी है. रोजाना एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और बैलेंस डाइट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इंटरनेट देखकर खुद से इलाज शुरू न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई सप्लीमेंट न लें. सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से वजन बढ़ने की असली वजह पता चल सकती है और आगे होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाव भी संभव है.
अगर 35 के बाद आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है और शरीर पहले जैसा एक्टिव महसूस नहीं हो रहा, तो इसे सिर्फ उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें. हो सकता है आपका थायरॉयड आपको कोई जरूरी संकेत दे रहा हो.
(डॉ. चिराग टंडन, डायरेक्टर - इंटरनल मेडिसिन, शारदाकेयर-हेल्थसिटी)
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