शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना एक अच्छी आदत है, लेकिन अगर आप पर्याप्त पानी पी रहे हों और फिर भी हर थोड़ी देर में पानी पीने का मन करे या गला बार-बार सूखने लगे, तो इसे सिर्फ आदत समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार शरीर इसी तरह छोटे-छोटे संकेत देकर बता देता है कि अंदर कुछ गड़बड़ है. लगातार बनी रहने वाली ज्यादा प्यास कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का लक्षण हो सकती है. इनमें सबसे प्रमुख है डायबिटीज, लेकिन इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, कुछ दवाओं का असर, हार्मोन से जुड़ी दुर्लभ बीमारी या किडनी की कुछ समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं. अगर यह परेशानी कई दिनों तक बनी रहे, तो इसकी सही वजह पता करना जरूरी है.
अगर आप धूप में ज्यादा रहे हैं, खूब पसीना निकला है, व्यायाम किया है या दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पिया है, तो ज्यादा प्यास लगना सामान्य है. उल्टी, दस्त या तेज बुखार के दौरान भी शरीर से पानी तेजी से निकलता है, जिससे बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है. ऐसी स्थिति में पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेने से समस्या अक्सर ठीक हो जाती है.
NHS inform के अनुसार ब्लड में शुगर बढ़ने पर किडनी को अतिरिक्त ग्लूकोज बाहर निकालने के लिए बार-बार पेशाब करना पड़ता है, जिससे शरीर में पानी कम होता है और तेज प्यास लगती है.

बार-बार प्यास क्यों लगती है. (Image NDTV)
कहीं डायबिटीज की शुरुआत तो नहीं-
लेकिन अगर बिना किसी साफ वजह के हर समय प्यास लगी रहती है और इसके साथ बार-बार पेशाब भी आता है, तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खून में शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है. इस प्रक्रिया में शरीर का काफी पानी भी निकल जाता है, जिससे बार-बार प्यास लगती है. अगर इसके साथ थकान, धुंधला दिखना या बिना कोशिश के वजन कम होना जैसे लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए.
कुछ दवाएं भी बढ़ा सकती हैं प्यास-
कई बार बार-बार प्यास लगने की वजह कोई बीमारी नहीं, बल्कि दवाओं का असर भी हो सकता है. खासकर पेशाब बढ़ाने वाली कुछ दवाएं या कुछ दूसरी दवाएं शरीर में पानी का संतुलन प्रभावित कर सकती हैं. अगर नई दवा शुरू करने के बाद यह परेशानी महसूस होने लगे, तो डॉक्टर से बात करें. बिना सलाह के दवा बंद न करें.
हार्मोन और किडनी की कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं वजह-
कुछ मामलों में हार्मोन से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी डायबिटीज इंसिपिडस (Diabetes Insipidus) की वजह से भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा प्यास लगती है और बार-बार पेशाब आता है. इसके अलावा किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों में भी यह लक्षण दिखाई दे सकता है. हालांकि, ये कारण डायबिटीज या डिहाइड्रेशन जितने आम नहीं हैं.
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप दिनभर पर्याप्त पानी पी रहे हैं. गर्मी या ज्यादा शारीरिक मेहनत के दौरान पानी और दूसरे तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं. बहुत ज्यादा मीठे पेय और सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचें. इसके बाद भी अगर कई दिनों तक लगातार बहुत ज्यादा प्यास लग रही है, सामान्य से ज्यादा पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, बार-बार पेशाब आ रहा है या इसके साथ थकान, धुंधला दिखना, वजन कम होना, चक्कर आना या मुंह सूखना जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए. समय पर जांच कराने से असली वजह का पता चल सकता है और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू किया जा सकता है.
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