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मानसून में सबसे ज्यादा फैलती हैं ये बीमारियां, ऐसे करें बचाव

​चाय-पकौड़े तो ठीक है बॉस, लेकिन बारिश में सेहत का क्या? अगर आप भी झमाझम बारिश में अपने परिवार और खुद को बीमारियों से बचाना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में जानें तरीका.

मानसून में सबसे ज्यादा फैलती हैं ये बीमारियां, ऐसे करें बचाव
बदलते मौसम में सेहत का कैसे रखें ख्याल.
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तपती गर्मी के बाद जब बारिश होती है, तो मिट्टी की सौंधी खुशबू हर किसी का मन खुश कर देती है. चाय-पकौड़े का दौर शुरू हो जाता है और मौसम सुहाना लगने लगता है. लेकिन, इस खूबसूरत मानसून के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ​इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है और जगह-जगह पानी जमा होने लगता है. यही वजह है कि बैक्टीरिया, वायरस और मच्छर बहुत तेजी से पनपने लगते हैं. 

सेहत के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल के चक्कर काटने पर मजबूर कर सकती है. आइए जानते हैं कि इस मौसम में कौन सी बीमारियां सबसे ज्यादा फैलती हैं और कैसे इनसे बचा जा सकता है.

बारिश में कौन सी बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा-

​1. डेंगू और मलेरिया- 

​मानसून बीमारियों में सबसे पहला नाम मच्छरों से होने वाले रोगों का आता है. गमलों, कूलरों, पुराने टायरों या सड़कों के गड्ढों में रुका हुआ साफ या गंदा पानी मच्छरों का घर बन जाता है. 

National Library of Medicine (NCBI) की रिसर्च के अनुसार भारत में मानसून के दौरान उमस बढ़ने से मच्छरों के प्रजनन की दर 40% तक बढ़ जाती है, जिससे डेंगू के मामले तेजी से सामने आते हैं.

डेंगू- डेंगू का खतरा बढ़ जाता है. यह एडीज मच्छर के काटने से होता है, जो अमूमन दिन में काटता है. 

लक्षण- इसमें अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द और जोड़ों में तेज दर्द होता है.

​मलेरिया- यह एनाफिलीज मच्छर के फैलने से होता है. 

लक्षण- इसमें मरीज को तेज ठंड लगकर बुखार आता है.

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डेंगू से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके. (Image NDTV)

​2. टाइफाइड और गैस्ट्रोएंटेराइटिस- 

​बारिश के दिनों में बाहर का खुला खाना या दूषित पानी पीने से पेट की बीमारियां सबसे ज्यादा होती हैं.
​टाइफाइड- यह साल्मोनेला टाइफी नाम के बैक्टीरिया से होता है, जो गंदे पानी या खराब खाने के जरिए हमारे शरीर में जाता है. 

  • लक्षण- इसमें लगातार तेज बुखार और पेट में तेज दर्द रहता है.
  • गैस्ट्रोएंटेराइटिस- इसे आम भाषा में फूड पॉइजनिंग या पेट का इन्फेक्शन भी कहते हैं. 
  • लक्षण- इसमें उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी (WHO) डब्ल्यूएचओ की इस रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश के मौसम में पीने के पानी के सोर्स के दूषित होने के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस और टाइफाइड का खतरा दोगुना हो जाता है.

​3. वायरल फीवर और फ्लू-

​मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते हैं. यह इन्फेक्शन हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत तेजी से फैलता है.

​खुद को और परिवार को कैसे रखें सुरक्षित- 

  1. पानी न रुकने दें- अपने घर के कूलर, गमलों की ट्रे और छत पर रखे कबाड़ को साफ रखें. कहीं भी पानी जमा न होने दें ताकि मच्छर न पनक पाएं. 
  2. पानी उबालकर पीएं- मानसून में बाहर का पानी पीने से पूरी तरह बचें. घर पर भी पानी को अच्छी तरह उबालकर या अच्छे फिल्टर (RO) का ही पानी इस्तेमाल करें.
  3. ​बाहर के खाने से बचें- इस मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल, चाट-पकौड़े और खुले में बना खाना खाने से बिल्कुल बचें. हमेशा ताजा और गर्म खाना ही खाएं.
  4. पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें- जब भी बाहर निकलें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या पैच का इस्तेमाल जरूर करें.

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