रात में अचानक एक तय समय पर आंख खुल जाना बहुत से लोगों के साथ होता है. कई लोग इसे सामान्य बात मानकर दोबारा सो जाते हैं, जबकि कुछ लोगों की यह परेशानी रोज की आदत बन जाती है. अगर कभी-कभार ऐसा हो, तो चिंता की बात नहीं होती. लेकिन अगर आप लगातार देर रात को नींद से जाग जाते हैं और दोबारा सो नहीं पाते, तो इसकी अनदेखी करना ठीक नहीं है. कई बार खराब नींद की आदतें, कुछ स्वास्थ्य समस्याएं, हार्मोन में बदलाव या शरीर के अंदर चल रही दूसरी गड़बड़ियां भी इसकी वजह हो सकती हैं. अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसकी असली वजह जानना जरूरी है.
कहीं आपकी आदतें तो नहीं है इसका कारण-
अगर आपने देर रात चाय, कॉफी या शराब पी है, सोने से पहले मोबाइल या लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल किया है या कमरे में ज्यादा रोशनी और शोर है, तो रात में नींद टूट सकती है. तो अगर आप देर रात नींद खुल जाने और फिर सो न पाने की समस्या से जूझ रहे हैं तो रात को चाय, कॉफी या शराब पीना अवाइड करें.

तनाव और चिंता सबसे आम कारणों में हैं-
नींद उचट जाने के पीछे ये एक बहुत ही आम कारण है. कहते हैं कि चिंता अच्छे-अच्छों की नींद उड़ा देती है. अगर दिमाग लगातार किसी बात को लेकर ज्यादा सक्रिय रहता है, तो रात के बीच में नींद खुल सकती है. कई लोगों को दोबारा नींद आने में भी काफी समय लगता है. लंबे समय तक तनाव, चिंता या अवसाद की स्थिति में यह समस्या बार-बार हो सकती है. मेडिटेशन और प्राणायाम जैसी कई टेक्निक तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं.
हार्मोन में बदलाव भी बिगाड़ सकते हैं नींद-
महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलाव की वजह से रात में पसीना आना और अचानक नींद खुलना आम है. इसके अलावा थायरॉयड की कुछ समस्याएं भी नींद की गुणवत्ता पर असर डाल सकती हैं. प्रोस्टेट की परेशानी से जूझ रहे पुरुषों को भी पेशाब करने के लिए बार-बार उठना पड़ता है, जिससे नींद की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है. डायबिटीज की स्थिति में भी नींद पर काफी असर पड़ सकता है.
कहीं स्लीप एपनिया तो नहीं?
अगर रात में आपकी नींद बार-बार खुलती है, जोर से खर्राटे आते हैं, सांस रुकने जैसी समस्या होती है या सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो इसकी वजह स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) हो सकती है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सोते समय कुछ देर के लिए सांस रुक जाती है, जिससे दिमाग आपको जगाकर फिर से सामान्य सांस लेने के लिए मजबूर करता है.
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर कई हफ्तों से लगभग हर रात एक ही के समय पर नींद खुल रही है, दोबारा नींद नहीं आती, दिनभर थकान रहती है, काम पर ध्यान नहीं लगता या इसके साथ खर्राटे, सांस रुकने, सीने में जलन, बार-बार पेशाब या चिंता जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आपकी नींद का परीक्षण या दूसरी जांच की सलाह दे सकते हैं.
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें. सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे स्क्रीन वाले उपकरणों से दूरी बना लें. शाम के बाद बहुत ज्यादा चाय, कॉफी और शराब से बचें. अगर तनाव ज्यादा रहता है, तो हल्की सैर, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज या आराम देने वाली दिनचर्या अपनाएं. अगर इन बदलावों के बाद भी रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें.
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