आजकल महिलाओं की सेहत से जुड़ी कई ऐसी परेशानियां सामने आ रही हैं, जिनके बारे में पहले बहुत कम सुनने को मिलता था. ऐसी ही एक गंभीर समस्या है चॉकलेट सिस्ट. नाम सुनने में भले ही यह थोड़ा मीठा या अजीब लगे, लेकिन सेहत के लिहाज से यह महिलाओं के लिए काफी दर्दनाक और नुकसानदायक साबित हो सकती है.
बहुत सी महिलाएं पेट के निचले हिस्से में दर्द या पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय दर्द को आम मानकर टाल देती हैं, लेकिन कई बार यह साधारण दर्द किसी बड़ी परेशानी की शुरुआत हो सकता है. बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह चॉकलेट सिस्ट क्या होती है, यह क्यों बनती है और शरीर में इसके क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं.
आखिर क्या है यह चॉकलेट सिस्ट?
आसान शब्दों में कहें तो चॉकलेट सिस्ट महिलाओं की ओवरी में बनने वाली खून से भरी थैली होती है. इसमें पुराना खून जमा हो जाता है, जो लंबे समय तक रहने से गाढ़ा होकर गहरे भूरे या चॉकलेट जैसे रंग का दिखने लगता है. इसी वजह से इसे चॉकलेट सिस्ट कहा जाता है, जबकि मेडिकल भाषा में इसका नाम 'एंडोमेट्रियोमा' है.
दरअसल, यह समस्या एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी होती है. इसमें गर्भाशय के अंदर मौजूद एंडोमेट्रियम जैसी टिश्यू ओवरी या पेट के अन्य हिस्सों में बढ़ने लगती है. हर महीने पीरियड्स के दौरान यह टिश्यू भी ब्लीड करती है, लेकिन ओवरी के अंदर बना खून बाहर नहीं निकल पाता और वहीं जमा होकर धीरे-धीरे सिस्ट का रूप ले लेता है.
चॉकलेट सिस्ट होने के कारण
डॉक्टरों के मुताबिक चॉकलेट सिस्ट होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. हालांकि इसका कोई एक सटीक कारण बताना मुश्किल है, लेकिन कुछ मुख्य वजहें इस प्रकार हैं:
जेनेटिक्स या पारिवारिक इतिहास:
अगर आपके परिवार में मां, बहन या मौसी को एंडोमेट्रियोसिस या सिस्ट की शिकायत रही है, तो आपको भी यह समस्या होने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है.
हार्मोनल असंतुलन:
शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बिगड़ने से भी गर्भाशय की परत ओवरी के आसपास अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती है, जो आगे चलकर सिस्ट का रुप ले लेती है.
पीरियड्स के खून का उल्टा बहाव:
कई बार पीरियड्स का खून पूरी तरह से बाहर निकलने के बजाय फेलोपियन ट्यूब के जरिए वापस ओवरी या पेट के निचले हिस्से में चला जाता है. यह खून ओवरी की दीवारों पर जमने लगता है और सिस्ट बना देता है.
कमजोर इम्यून सिस्टम:
अगर शरीर का इम्यून सिस्टम सही से काम न करे, तो वह गर्भाशय के बाहर उगने वाले इन टिश्यूज को पहचानकर नष्ट नहीं कर पाता, जिससे यह धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं.
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
- पीरियड्स में असहनीय दर्द होना
- पेट के निचले हिस्से में भारीपन
- संबंध बनाते समय तेज दर्द
- कंसीव करने या मां बनने में परेशानी होना
- टॉयलेट जाते समय या यूरिन पास करते वक्त दर्द
इलाज और बचाव के तरीके:
चॉकलेट सिस्ट का इलाज इसके साइज और महिला की उम्र या प्लानिंग पर निर्भर करता है,
- दवाइयां और हार्मोनल थेरेपी
- सर्जरी
- जीवनशैली में सुधार
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