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मौसम में बदलाव के साथ क्यों बढ़ सकती है जोड़ों के दर्द और अकड़न की परेशानी?

क्या मौसम बदलने पर आपके घुटनों और जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है?  डॉ. अनु डाबर से जानिए ठंड, नमी और गठिया के बीच संबंध और राहत पाने के आसान उपाय.

मौसम में बदलाव के साथ क्यों बढ़ सकती है जोड़ों के दर्द और अकड़न की परेशानी?
ठंड में घुटनों के दर्द से राहत कैसे पाएं? | World Arthritis Day
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World Arthritis Day: अक्‍टूबर आधा न‍िकल चुका है और हल्‍की ठंड ने दस्‍तकत दे दी है. अक्‍सर यह देखने को मि‍लता है कि बदलते मौसम के साथ ही हड्ड‍ियों में और जोड़ों में दर्द होने लगता है. कई बार जब आप डॉक्‍टर के पास जाकर यह बताते हैं कि बदते मौसम में आपको जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है, तो वह इस बात से इनकार कर देते हैं कि ऐसा भी कुछ हो सकता है. मौसम में बदलाव का असर न‍ सिर्फ आपकी दिनचर्या और खानपान पर होता है, बल्कि शरीर की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. कई लोग शिकायत करते हैं कि ठंड बढ़ने, बारिश होने या मौसम बदलने के दौरान उनके घुटनों, हाथों और दूसरे जोड़ों में दर्द या अकड़न ज्‍यादा महसूस होने लगती है. खासतौर पर गठिया से जूझ रहे लोगों को इस दौरान अपनी परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है. 

हालांकि, मौसम और जोड़ों के दर्द के बीच किसी तरह के संबंध को लेकर साइंट‍िफ‍िक प्रूफ अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं. इसलिए हर व्यक्ति में मौसम बदलने का असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है.

मौसम और जोड़ों के दर्द का क्या संबंध है?

जोड़ों में दर्द के पीछे कई वजहें हो सकती हैं.  बढ़ती उम्र, पहले लगी चोट, जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज में बदलाव और गठिया जैसी स्थितियां दर्द और अकड़न की वजह बन सकती हैं. कुछ लोगों को तापमान, हवा के दबाव या नमी में बदलाव के दौरान लक्षणों में अंतर महसूस होता है. हालांकि, स‍िर्फ मौसम के आधार पर दर्द का कारण तय नहीं किया जा सकता.

ठंड के मौसम में कुछ लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं. लंबे समय तक बैठे रहने और नियमित रूप से न चलने-फिरने से मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो सकती है.

इससे पहले से मौजूद जोड़ों की परेशानी अधिक महसूस हो सकती है. इसलिए मौसम बदलने के दौरान भी शरीर को एक्‍टि‍व रखना जरूरी है.

जोड़ों को आराम देने के लिए क्या करें?

मौसम चाहे गर्म हो या ठंडा, जोड़ों की देखभाल के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं. ठंड में शरीर को पर्याप्त गर्म रखें और बहुत देर तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें. अपनी क्षमता के अनुसार हल्की सैर, स्ट्रेचिंग या डॉक्टर की सलाह से किए जाने वाले व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें. नियमित हलचल से मांसपेशियों की सक्रियता और जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

अगर गर्म सिकाई से आराम मिलता है, तो सही तापमान पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. लेक‍िन इस बात पूरा ध्यान रखें कि बहुत ज्‍यादा गर्म पानी या हीटिंग पैड सीधे स्‍किन पर लंबे समय तक न रखें. ऐसा करने से स्‍किन जलने का खतरा हो सकता है.

संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी जोड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद है.

ठंड में जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए 5 टिप्स

  1. रोज 20-30 मिनट टहलें
  2. वजन नियंत्रित रखें
  3. पर्याप्त पानी पिएं
  4. शरीर को गर्म रखें
  5. डॉक्टर की सलाह से स्ट्रेचिंग करें

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर जोड़ों में दर्द लगातार बना रहे, सुबह उठने पर अकड़न अधिक हो, सूजन दिखाई दे या चलने-फिरने में परेशानी होने लगे, तो चिकित्सकीय सलाह लें. किसी जोड़ में अचानक तेज दर्द, अधिक सूजन, लालिमा या गर्माहट के साथ बुखार हो, तो जल्द चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है.

मौसम बदलने पर होने वाली परेशानी को केवल ठंड या नमी का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच, सही उपचार और नियमित देखभाल से जोड़ों की सेहत बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

क्या हवा का दबाव भी बढ़ा सकता है दर्द?

कुछ शोधों में यह पाया गया है कि तापमान और बैरोमेट्रिक प्रेशर (वायुमंडलीय दबाव) में बदलाव के दौरान कुछ लोगों को जोड़ों के दर्द में अंतर महसूस हो सकता है. हालांकि, इस संबंध को लेकर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है.

एक्‍सपर्ट के बारे में : डॉ. अनु डाबर, सीनियर कंसल्टेंट, रूमेटोलॉजी एवं क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी, पारस हेल्थ, गुरुग्राम. गठिया, ऑटोइम्यून रोगों और जोड़ों की बीमारियों की विशेषज्ञ.

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