एक नए अमेरिकी अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि तेजी से वजन घटाने के लिए प्रभावी वेगोवी और ओजेम्पिक जैसी दवाएं एब्डोमिनल पैरालिसिस सहित कई गंभीर दुष्प्रभावों के जोखिम के साथ आ सकती हैं, एक ऐसी स्थिति जिसमें पेट खाली होने में देरी होती है. एब्डोमिनल पैरालिसिस अनचाहे वेट लॉस, कुपोषण और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है जिसके लिए मेडिकल या सर्जिकल हस्तक्षेप की जरूरत हो सकती है.
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डायबिटीज और मोटापे के इलाज में उपयोग होती हैं ये दवाएं:
एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने वेगोवी और ओजेम्पिक लिया, जिन्हें जीएलपी -1 एगोनिस्ट दवाएं भी कहा जाता है, उन लोगों की तुलना में पेट के पैरालिसिस का जोखिम 30 प्रतिशत ज्यादा था. अध्ययन के नतीजे केवल अमूर्त रूप में प्रकाशित किए गए हैं. अध्ययन में पाया गया कि ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (जीएलपी-1आरए), जिसे जीएलपी-1 एगोनिस्ट भी कहा जाता है, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं का एक वर्ग है.
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तीन लाख से ज्यादा व्यक्तियों के रिकॉर्ड का एनालिसिस:
वाशिंगटन में शनिवार को एक चिकित्सा सम्मेलन - डायजेशन डिजीज वीक 2024 में प्रस्तुत अध्ययन, डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित तीन लाख से ज्यादा व्यक्तियों के रिकॉर्ड के विश्लेषण पर आधारित है, जिनमें से 1.65 लाख को जीएलपी -1 एगोनिस्ट निर्धारित किए गए थे जो ज्ञात हैं अन्य चीजों के अलावा पेट खाली करने की गति को धीमा करना और इंसुलिन उत्पादन को उत्तेजित करने जैसे दुष्प्रभाव दिखे.
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